न्यूज़ 13 ब्यूरो नई दिल्ली/अमेरिका-ईरान युद्द के समझौते की घोषणा के बाद भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही जहां कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 83.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।अमेरिका-ईरान युद्द के समझौते की घोषणा के बाद भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही जहां कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 83.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 5 प्रतिशत टूटकर 80.87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया।
इस बीच अब लोगों की नजर पेट्रोल और डीजलों की कीमतों पर है। हालांकि केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि फिलहाल बाजार की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और कीमतों में कटौती को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी।पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक युद्ध के बीच तेल कंपनियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ तुरंत उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जिससे उन्हें खुद को घाटे में डालकर तेल को पूरा करना पड़ा।
इसके बाद मई के मध्य से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7 से 8 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई। अब कंपनियां उसी नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे वक्त तक निचले स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका फायदा उपभोक्ताओं को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्रेंट क्रूड कई सप्ताह या एक महीने तक 80 से 85 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बना रहता है तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की कमी संभव है।