देहरादून/ उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बागेश्वर और नैनीताल के लिए ऑरेंज अलर्ट है जबकि कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इतना ही नहीं 7 से 9 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश आकाशीय बिजली के साथ ही तेज हवाओं की भी आशंका जताई गई है। जी हां दोस्तों मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने एक बार फिर उत्तराखंड में चिंता बढ़ा दी है।
अगले सात दिनों तक राज्य के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विशेष रुप से बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जहां भारी बारिश की आशंका है। दोस्तो मौसम विभाग के मुताबिक 7, 8 और 9 अगस्त सबसे ज्यादा संवेदनशील दिन हो सकते हैं। इस बीच कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों-गदेरों का जलस्तर बढ़ने का भी खतरा बना रहेगा। दोस्तों उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश अब फिर पहाड़ों पर खतरे की घंटी बनती जा रही है। चमोली जिले के जोशीमठ विकासखंड के किमाणा गांव से चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं।
यहां एक बार फिर पहाडी दरकने लगी है और ऊपर से मलबा व बड़े-बड़े पत्थर गांव की ओर आने लगे हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 4 से 5 परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है परन्तु बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। ऐसे में खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है। बताया जा रहा है कि बरसाती नाले में लगातार मलबा और पत्थर आ रहे हैं। ग्रामीण रातभर जागकर अपने घरों के आसपास जमा पानी को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं ताकि गांव को और नुकसान से बचाया जा सके। परन्तु तेज बारिश के कारण हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। दोस्तों, यह वही वक्त है जब पहाड़ों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी मुसीबत बन सकती है। इसलिए प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील कर रहा है।
लेकिन पूरे उत्तराखंड में चिंता बड़ जाती है अब आखिर सड़कों की मौजूदा स्थिति क्या है? प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं? और यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश अब राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। उत्तरकाशी से सामने आई तस्वीरें चिंता बढ़ाने वाली हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भटवाड़ी के समीप सड़क का एक हिस्सा धंस गया है और सड़क पर गहरी दरारें पड़ गई हैं सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यही सड़क पिछले साल मानसून के दौरान भी क्षतिग्रस्त हुई थी। अब एक बार फिर लगातार बारिश के बाद वही जगह कमजोर पड़ गई है। ऐसे में गंगोत्री धाम जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि चारधाम यात्रा की लाइफलाइन है। ऐसे में सड़क पर आई ये गहरी दरारें साफ बता रही हैं कि लगातार बारिश का असर कितना गंभीर होता जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पहाड़ी मार्गों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा और पर्वतीय मार्गों पर निकलने वाले यात्रियों को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत और बचाव दलों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मानसून अभी थमा नहीं है और अगले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। अगर आप पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं तो मौसम विभाग की चेतावनियों को बिल्कल नजरअंदाज न करें। सतर्क रहें सरक्षित रहें और