देहरादून/ उत्तराखंड शासन के वन अनुभाग-1 ने राज्य के वन प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा के उप वन संरक्षक स्तर के 19 अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। शासन के सचिव सी. रविशंकर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह निर्णय जनहित में तत्काल प्रभाव से लागू होगा। शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के अपने नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करें।
इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से मसूरी, चकराता, देहरादून, तराई पूर्वी, तराई पश्चिमी, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, बद्रीनाथ, चम्पावत, लैंसडौन सहित कई महत्वपूर्ण वन प्रभाग प्रभावित हुए हैं। साथ ही नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान, राजाजी राष्ट्रीय उद्यान और उत्तराखंड वन विकास निगम में भी नई तैनातियां की गई हैं।
वन विभाग का मानना है कि इस फेरबदल से वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, पर्यटन विकास और प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
19 आईएफएस अधिकारियों की नई तैनाती
अमित कंवर (IFS-2014) – मसूरी से चकराता वन प्रभाग (कालसी) वैभव कुमार सिंह (IFS-2015) – चकराता से देहरादून वन प्रभाग नीरज कुमार (IFS-2015) – देहरादून से उत्तराखंड वन विकास निगम (प्रतिनियुक्ति) हिमांशु वागड़ी (IFS-2016) तराई पूर्वी से टिहरी वन प्रभाग दीपक सिंह (IFS-2017) अल्मोड़ा से तराई पूर्वी वन प्रभाग आशुतोष सिंह (IFS-2017) पिथौरागढ़ से टौस वन प्रभाग (पुरोला) पुनीत तोमर (IFS-2017) टिहरी से तराई पश्चिमी वन प्रभाग जीवन मोहन दगाडे (IFS-2019) लैंसडौन से उत्तरकाशी वन प्रभाग अभिमन्यु (IFS-2019) नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान से अल्मोड़ा वन प्रभाग आदित्य रत्न (IFS-2023) बागेश्वर से पिथौरागढ़ वन प्रभाग रजत सुमन (IFS-2023) – रुद्रप्रयाग से केदारनाथ वन प्रभाग, प्रणाली रमेश (IFS-2023) – नोडल अधिकारी कार्यालय से बद्रीनाथ वन प्रभाग, प्रकाश चन्द्र आर्य (IFS Select List-2021) – तराई पश्चिमी से बागेश्वर वन प्रभाग , देवी प्रसाद बलूनी (IFS Select List-2023) उत्तरकाशी से मसूरी वन प्रभाग, पंडित शिरीन संजय (IFS-2024) – उप निदेशक, राजाजी राष्ट्रीय उद्यान, विनीत कुमार (IFS-2024) – रुद्रप्रयाग वन प्रभाग,
ढिनो पुरुषोत्तमन (IFS-2024) – चम्पावत वन प्रभाग, गौरव वर्मा (IFS-2024) – लैंसडौन वन प्रभाग, यश ढोबले (IFS-2024) – नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान ।
वन विभाग की कार्यशैली में दिखेगा नया असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में हुए तबादलों से वन विभाग की कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आएगी। संवेदनशील वन क्षेत्रों में नई जिम्मेदारियां मिलने से वन संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, अवैध कटान पर नियंत्रण और ईको-टूरिज्म परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।