प्रयागराज/ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर झूठा आरोप लगाने के लिए दबाव बनाने के मामले में उत्तरप्रदेश सरकार से एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। जस्टिस जेजे मुनीर की बेंच ने शाहजहांपुर निवासी पत्रकार रमाशंकर दीक्षित की तरफ से दायर पूरक हलफनामे पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
राज्य सरकार की तरफ से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता को एक सप्ताह में आवश्यक इंस्ट्रक्शन (रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। स्थायी आधिवक्ता को एक सप्ताह में आवश्यक इंस्ट्रक्शन (रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी और इसे नए वाद के रूप में सूचीबद्ध किया जाएगा।
कि 18 फरवरी को तीन अज्ञात व्यक्तियों ने रमाशंकर से संपर्क कर धन का प्रलोभन देते हुए शंकराचार्य के विरुद्ध नाबालिग बेटियों के यौन शोषण का झूठा आरोप लगाने के लिए दबाव बनाया। प्रस्ताव ठुकराने के बाद धमकियां भी दी गईं। सुरक्षा के लिए तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने भी बयान बदलने का दबाव बनाया। अधिकारियों से शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट की शरण ली गई।