उत्तरकाशी/ यमनोत्री पैदल मार्ग पर हुए भूस्खलन के बाद आज फिर रेस्क्यू टीमों ने पहाड़ से गिरे मलबे को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मार्ग को फिलहाल बंद कर दिया गया है।
उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम की यात्रा उस वक्त दहशत में बदल गई जब शाम चार बजे अचानक भूस्खलन हो गया यह हादसा यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर भैरव मंदिर के समीप हुआ जहां सैकड़ो श्रद्धालु दर्शन के लिए जा रहे थे। इस हादसे में श्रद्धालुओं के मलबे में दबे होने की पुष्टि हुई है।
सोमवार देर शाम तक एक 12 वर्षीय किशोरी सहित दो शव निकाल दिए गए थे वहीं एक घायल को उपचार के लिए भेजा गया था। एक से दो और लोगों के दबे होने की आशंका है। रात लगभग नौ बजे तेज बारिश होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग पर नौकैंची के समीप अचानक बोल्डर और मलबा गिर गया था। इस बीच पैदल मार्ग पर जा रहे लगभग चार से पांच लोग बोल्डर के साथ खाई में जा गिरे।
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के साथ ही पुलिस मौके पर पहुंची। मलबे और बोल्डर के नीचे दबे मुंबई निवासी रशिक को बाहर निकालकर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी भेजा गया। जबकि एक 12 वर्षीय किशोरी और एक पुरुष का शव मिला है। दोनों की पहचान नहीं हो पाई है। आशंका है कि मलबे में एक से दो और लोग दबे हुए हो सकते हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि दो लोगों के शव मिले हैं उनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।