देहरादून/ भारतीय सैन्य अकादमी में शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड 2026 भारतीय सैन्य इतिहास के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गई। पहली बार अकादमी से प्रशिक्षित 9 महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी के रूप में पासआउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में आयोजित इस भव्य समारोह में कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स ने अंतिम पग पार कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपनी नई यात्रा शुरू की।
आईएमए में पहली बार महिला कैडेट्स को मिला कमीशन
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब महिला कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया।
परेड का यह क्षण न केवल आईएमए बल्कि भारतीय सेना के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। नौ महिला सैन्य अधिकारियों ने अपने पुरुष साथियों के साथ कदमताल करते हुए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा के संकल्प का प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धि ने सैन्य क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को नई पहचान दी है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ली परेड की सलामी
आईएमए के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर पर सुबह 6:40 बजे पासिंग आउट परेड का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चैटवुड भवन पहुंचकर परेड की सलामी ली और कैडेट्स के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
इस अवसर पर पुष्कर सिंह धामी, गुरमीत सिंह सहित सेना और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स हुए पासआउट
इस वर्ष की पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स शामिल हुए। इनमें 481 भारतीय कैडेट्स तथा 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स शामिल रहे।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विदेशी कैडेट्स अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में सेवाएं देंगे जबकि भारतीय
कैडेट्स भारतीय सेना की विभिन्न शाखाओं में नियुक्त होंगे।
पीपिंग सेरेमनी में सजे कंधों पर सितारे
परेड के समापन के बाद पारंपरिक पीपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस दौरान नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाकर उन्हें आधिकारिक रूप से भारतीय सेना का हिस्सा बनाया गया। परिजनों के लिए यह भावुक और गौरवपूर्ण क्षण रहा जब उन्होंने अपने बेटों और बेटियों को सेना की वर्दी में अधिकारी बनते देखा।
राष्ट्रपति के स्वागत में जुटे राज्य के शीर्ष अधिकारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को ही देहरादून पहुंच गई थीं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन और डीजीपी दीपम सेठ ने किया।
इसके बाद राष्ट्रपति निकेतन पहुंचीं जहां उन्होंने अलग-अलग गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की।
भारतीय सैन्य इतिहास में जुड़ा नया अध्याय
आईएमए की पासिंग आउट परेड 2026 केवल 515 युवा अधिकारियों के सेना में शामिल होने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने भारतीय सैन्य इतिहास में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का नया अध्याय भी जोड़ दिया। पहली बार नौ महिला सैन्य अधिकारियों का आईएमए से पासआउट होना देश की सशस्त्र सेनाओं में लैंगिक समानता अवसरों के विस्तार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।