कैंची धाम में पुलिस कर्मियों की शर्मनाक करतूत होमस्टे संचालक की बेटी से की छेड़छाड़, आक्रोशित लोगों ने की आरोपी पुलिस कर्मियों की पिटाई एसएसपी ने दिए जांच के आदेश।

न्यूज 13 प्रतिनिधि नैनीताल

भवाली/ 15 जून को आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम स्थापना दिवस मेले से पहले आस्था के धाम में एक बड़ा विधिक और सुरक्षा संबंधी विवाद खड़ा हो गया है। मेले की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस के दो सिपाहियों पर एक स्थानीय होमस्टे संचालक की बेटी से छेड़खानी करने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। इस घटना की भनक लगते ही स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा।

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आक्रोशित भीड़ ने दोनों आरोपी सिपाहियों को मौके पर ही दबौच कर उनकी जमकर धुनाई कर दी और उन्हें घसीटते हुए पुलिस चौकी ले गए। इसके बाद सैकड़ों लोगों ने पुलिस चौकी का घेराव करते हुए जबरदस्त नारेबाजी की जिससे पूरे कैंची धाम क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

भीड़ ने सिपाहियों को पीटा खाकी के खिलाफ सड़कों पर उतरे स्थानीय लोग

प्रत्यक्षदर्शी सूत्रों के मुताबिक घटना मंदिर परिसर के नजदीक स्थित एक होमस्टे की है। मेले की ड्यूटी पर आए दो पुलिसकर्मियों ने होमस्टे संचालक की बेटी के साथ कथित रूप से अमर्यादित व्यवहार और छेड़खानी की।

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पीड़िता द्वारा परिजनों को आपबीती बताने के बाद यह बात आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। देखते ही देखते स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का हुजूम मौके पर इकट्ठा हो गया। जनता का आरोप है कि सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले पुलिस के मुलाजिम ही जब ऐसे नैतिक मर्यादाओं का उल्लंघन करेंगे तो बहन-बेटियां कहा सुरक्षित रहेंगी। उग्र भीड़ ने दोनों सिपाहियों को सबक सिखाते हुए उनकी पिटाई की और फिर पुलिस चौकी को चारों तरफ से घेरकर उनके निलंबन और विधिक गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए।

3 दिन पहले बैरिकेडिंग और कर्फ्यू जैसे माहौल से भी नाराज हैं व्यापारी

चौकी घेराव के दौरान स्थानीय जनता का आक्रोश केवल छेड़खानी की घटना तक ही सीमित नहीं रहा। व्यापारियों और ग्रामीणों ने स्थापना दिवस मेले से तीन दिन पहले ही पुलिस प्रशासन द्वारा लागू की गई सख्त यातायात व्यवस्था और विधिक पाबंदियों पर भी तीखे सवाल उठाए।

 व्यापार ठप होने का आरोप

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने मेले से तीन दिन पहले ही

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कैंची धाम क्षेत्र और नैनीताल जिले की सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही को मनमाने ढंग से रोक दिया है।

कर्फ्यू जैसी स्थिति

स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है जिससे ऐसा लग रहा है जैसे कैंची धाम में कर्फ्यू लगा दिया गया हो। इससे न केवल बाहरी राज्यों से आ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी मानसिक व व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि स्थानीय होटल व होमस्टे और रेस्टोरेंट स्वामियों का व्यापार भी पूरी तरह ठप हो गया है।

 दोषी पुलिसकर्मियों पर होगी कठोरतम कार्रवाई एसएसपी मंजूनाथ टीसी

लाखों श्रद्धालुओं के आगमन और प्रतिष्ठा दिवस जैसे बेहद संवेदनशील धार्मिक आयोजन से ठीक पहले पुलिसकर्मियों की इस शर्मनाक करतूत और उपजे जन-आक्रोश ने आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक साख पर बड़े विधिक सवाल खड़े कर दिए हैं।

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मामले की विधिक गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने तत्काल पूरे घटनाक्रम की विधिक पुष्टि करते हुए उच्च स्तरीय जांच के विधिक आदेश जारी कर दिए हैं। एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट विधिक संदेश दिया।इस घटना के बाद कैंची धाम क्षेत्र में पुलिस और आम जनता के बीच विधिक व व्यावहारिक दूरियां बढ़ गई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बहाल रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।

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