राजकीय पालीटेक्निक गौचर के निचले हिस्से में भारी भूस्खलन, शैक्षणिक भवन भी खतरे की जद में। निचले हिस्से में स्थित आवासीय भवनों को भी भारी खतरा। लोगों को प्रशासन ने किया अन्यत्र शिफ्ट।
राजकीय पालीटेक्निक गौचर के निचले हिस्से में भारी भूस्खलन, शैक्षणिक भवन भी खतरे की जद में। निचले हिस्से में स्थित आवासीय भवनों को भी भारी खतरा। लोगों को प्रशासन ने किया अन्यत्र शिफ्ट।
चमोली/ क्षेत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश होने के कारण राजकीय पालीटेक्निक गौचर का भवन खतरे की जद में आ गया है। भवन के निचले हिस्से में भारी भूस्खलन हो गया है।
रविवार सुबह 11बजे के आसपास निचले हिस्से में भारी भूस्खलन हो गया। जिसमें सूरक्षा दीवार सहित संस्थान का प्रांगण भी चपेट में आ गया। जहां पर वर्तमान में 415 से अधिक छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं।
तथा 50 से अधिक कर्मचारी मौजूद है।चालीस वर्षों से अधिक समय से स्थापित शैक्षणिक संस्थान के भवन पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। संस्था के प्रधानाचार्य राजकुमार ने बताया कि यदि परिसर क्षेत्र के निचले हिस्से में भूमि का कटाव नहीं रोका गया तो भविष्य में संस्थान के भवन को भारी नुक़सान हो सकता है।
वहीं दूसरी ओर भूस्खलन के निचले हिस्से में स्थित आवासीय भवनों को भी भारी खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन द्वारा कुछ परिवारों को सूरक्षा की दृष्टि से अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है।इस मौके पर तहसील प्रशासन की टीम नगरपालिका अध्यक्ष संदीप नेगी व कर्मचारी मौजूद थे।