रानीखेत में भी धाकड़ धामी के गड्ढा मुक्त सड़क के दावे की खुली पोल खस्ताहाल सड़कों से जनता परेशान।

न्यूज 13 प्रतिनिधि अल्मोड़ा

रानीखेत/ मुख्यमंत्री धामी द्वारा राज्य की सभी सड़कों को गड्डा मुक्त करने के दावे रानीखेत में भी पूरी तरह फेल होते नजर आ रहे हैं यहां शहर के कई मुख्य सड़कों की हालत बद से बदतर है। बड़े-बड़े गड्डों और उखड़ चुकी मरम्मत परत को देखकर साफ लग रहा है कि सड़क सुधार कार्य सिर्फ कागजों तक ही सीमट के रह गया हैं। रानीझील जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल तक जाने वाली सड़क भी टूटी-फूटी हालत में है जिससे स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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स्थानीय जनता का कहना है इन सड़कों पर सफर जान जोखिम में डालने जैसा लगता है। लोगों को अब सिर्फ यह उम्मीद है कि सरकार का गड्ढा मुक्त सड़क अभियान जल्द धरातल पर दिखे और उन्हें राहत मिल सके।

रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल का बयान कई सड़कें हुई गड्डा मुक्त शेष भी जल्द सुधरेंगी

रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने दावा किया कि रानीखेत से रामनगर तक और अन्य मुख्य मार्गों को गड्डा मुक्त किया जा चुका है।

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उन्होंने कहा कि रानीखेत की शहरी सड़कों को लेकर कैंट बोर्ड के सीईओ से वार्ता की जाएगी और जल्द ही इन मार्गों को भी दुरुस्त कराया जाएगा।

 पूर्व विधायक करन माहरा का सरकार पर हमला

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक करन माहरा ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि रानीखेत की सड़कें इतनी खराब हैं।

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कि यह समझना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्डों में सड़क। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सरकार का मुख्यमंत्री सिर्फ ब्रांडिंग पर 1000 करोड़ रुपये खर्च कर दे उससे सड़क सुधार की उम्मीद करना व्यर्थ है। माहरा ने कहा कि अगर यही पैसा सड़कों पर खर्च किया जाता तो आज पूरे राज्य की सड़कें वास्तव में गड्ढा मुक्त हो सकती थीं। स्थानीय लोग सड़क सुधार की ओर सरकार से त्वरित और ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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