टनकपुर में सागौन की तस्करी और वन विभाग की चुप्पी, आखिर क्यों वन विभाग ज़वाब देने से कतरा रहा है, सागौन की लकड़ी से भरी पिकअप सीज।

न्यूज 13 प्रतिनिधि चम्पावत

चम्पावत/ टनकपुर में शारदा रेंज में लकड़ी तस्करी का खेल आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है यह सवाल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हैरानी की बात यह है कि वन विभाग ने खुद सागौन के 6 लट्ठों से भरा एक पिकअप वाहन पकड़कर सीज किया परन्तु जब मीडिया ने जानकारी चाही तो विभाग ने पूरे मामले पर ऐसा रहस्यमई पर्दा डाल दिया मानो कोई राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला हो।

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बताया जा रहा है कि टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग पर वन कर्मियों ने पिकअप वाहन संख्या यूके-03 सीए 0739 को रोककर जांच की। वाहन में सागौन के 6 लट्ठे लदे थे लेकिन चालक उनके वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इसके बाद वाहन और लकड़ी को सीज कर लिया गया। सवाल यह है कि जब कार्रवाई हुई है तो फिर जानकारी छिपाने की जरूरत आखिर क्यों पड़ रही है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले शहर क्षेत्र में जमीन में दफन कर छिपाई गई अवैध लकड़ी का मामला सामने आया था। वह मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और प्रकरण सामने आ गया।

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इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि वन संपदा पर डाका डालने वाले बेखौफ हैं और उनका नेटवर्क लगातार सक्रिय है।

सबसे दिलचस्प पहलू है विभाग की चुप्पी।

आमतौर पर छोटी-छोटी बरामदगी पर प्रेस नोट जारी कर वाहवाही लूटने वाला विभाग इस बार “नो कमेंट्स” की मुद्रा में दिखाई दे रहा है।

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आखिर ऐसा क्या है जिसे सार्वजनिक करने से बचा जा रहा है क्या मामला सिर्फ अवैध लकड़ी का है या फिर इसके तार कहीं और तक जुड़े हैं विश्वस्त सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी जोरों पर है कि बरामद लकड़ी का संबंध किसी प्रभावशाली व्यक्ति व विभागीय तंत्र से हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन विभाग की असामान्य गोपनीयता इन चर्चाओ को जन्म दे रही है।

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