धामी की भ्रष्टाचारी सरकार में दो आईएएस और एक पीसीएस के खिलाफ जांच।

न्यूज 13 प्रतिनिधि हरिद्वार

हरिद्वार/ नगर निगम हरिद्वार द्वारा ग्राम सराय स्थित भूमि के क्रय में अनियमितताओं से संबंधित प्रकरण को लेकर उत्तराखण्ड शासन ने कार्रवाई की गति तेज कर दी है। शासन द्वारा इस पूरे प्रकरण में तीन अधिकारियों तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी तथा तत्कालीन उप जिलाधिकारी अजयवीर सिंह, निलंबित के विरुद्ध विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

यह भी पढ़ें 👉 रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा-मयाली मोटर मार्ग को गड्ढा मुक्त करने के नाम पर लोकनिर्माण विभाग सरकारी धन को लगा रहा है ठिकाने।

गृह विभाग से जारी आदेश के मुताबिक प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाए जाने के आधार पर अजयवीर सिंह के विरुद्ध उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 (यथासंशोधित) के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित की गई है। उन्हें पूर्व में आरोप पत्र निर्गत करते हुए अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था जिसके प्रत्युत्तर में उन्होंने दिनांक 16 सितम्बर 2025 को अपना लिखित अभिकथन प्रस्तुत करते हुए सभी आरोपों को अस्वीकार किया।

यह भी पढ़ें 👉 हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद, यात्राकाल में 2 लाख 75 हजार तीर्थयात्रियों ने गुरुद्वारे में टेका मत्था।

शासन ने अब इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए डॉ. आनन्द श्रीवास्तव आई.ए.एस अपर सचिव उत्तराखण्ड शासन को अजयवीर सिंह के विरुद्ध जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें एक माह के अंदर जांच आख्या शासन को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञातव्य है कि प्रकरण से संबंधित अन्य दो अधिकारियों तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह और तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी – के विरुद्ध चल रही विभागीय जांच के लिए शासन ने सचिन कुर्वे आई.ए.एस को जांच अधिकारी नामित किया है।

यह भी पढ़ें 👉 चौखुटिया, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से परेशान क्षेत्रवासियों का आमरण अनशन के साथ जल सत्याग्रह।

राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है। शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी चाहे वह किसी भी स्तर का अधिकारी क्यों न हो।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *