अमरोहा/हरिद्वार। उत्तर प्रदेश के अमरोहा में उत्तराखंड के खानपुर विधायक उमेश कुमार शर्मा से जुड़े बताए जा रहे फार्म हाउस पर हरियाणा की एक युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस प्रकरण में यूपी पुलिस के दो और CRPF के दो कर्मियों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अमरोहा पुलिस के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर चारों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
मामला अमरोहा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र का है। अमर उजाला ने घटनास्थल को झूलपुरी स्थित विधायक उमेश शर्मा का फार्म हाउस बताया है। पुलिस के अनुसार पीड़िता हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली है।
धार्मिक स्थल घुमाने के बहाने लाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक युवती को धार्मिक स्थलों पर घुमाने के बहाने अमरोहा लाया गया था। युवती ने आरोप लगाया कि फार्म हाउस पर तीन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया चौथे ने भी जबरदस्ती करने की कोशिश की। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार युवती ने किसी तरह चौथे व्यक्ति को कमरे से बाहर कर अंदर से दरवाजा बंद किया और पुलिस को फोन किया। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। गिरफ्तार चार लोगों में यूपी पुलिस का एक सब-इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी तथा CRPF के दो कर्मी शामिल हैं।
स्थानीय पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है और CRPF अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेजी गई है।
अब बड़ा सवाल-फार्म हाउस के कमरे कैसे खुले?
इस पूरे प्रकरण में फार्म हाउस पर आरोपियों को कमरे मिलने की कहानी ने अलग सवाल खड़े किए हैं।
दैनिक जागरण ने फार्म हाउस के केयरटेकर के हवाले से रिपोर्ट किया है कि उसे पुलिस की ओर से फोन आने कमरे खोले गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक केयरटेकर का दावा हैकि उसे बताया गया कि एक महिला गृह मंत्रालय की अधिकारी है और जांच के सिलसिले में आई है। केयरटेकर ने विधायक से बात करने की बात कही तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि विधायक से बातचीत हो चुकी है। इन दावों की वास्तविकता पुलिस जांच से स्पष्ट होगी।
यही कारण है कि अब जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि फार्म हाउस पर कमरे किसके कहने पर उपलब्ध कराए गए, फोन किसने किया और महिला को कथित तौर पर गृह मंत्रालय की अधिकारी बताने की बात कहां से आई।
अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
India Today के मुताबिक अखिलेश यादव ने इस घटना को पुलिस बल पर “कलंक” बताया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की।
जांच में फार्म हाउस मैनेजर से भी पूछताछ
India Today के अनुसार हसनपुर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जिस फार्म हाउस पर कथित घटना हुई वह उत्तराखंड के एक निर्दलीय विधायक का बताया जा रहा है। पुलिस ने फार्म हाउस के मैनेजर से भी पूछताछ की है और आगे की जांच जारी है।
विधायक उमेश कुमार शर्मा आरोपी नहीं
इस मामले में एक तथ्य स्पष्ट रखना जरूरी है। अभी तक सामने आई पुलिस और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों में खानपुर विधायक उमेश कुमार शर्मा को कथित सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी नहीं बनाया गया है। आरोप गिरफ्तार किए गए पुलिस और CRPF कर्मियों पर हैं। मीडिया रिपोर्ट कथित घटनास्थल को विधायक से जुड़ा फार्म हाउस बता रही हैं।
अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपियों को फार्म हाउस तक पहुंच और कमरे कैसे मिले केयरटेकर को किसने और क्या जानकारी दी तथा पूरे घटनाक्रम में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। चार सुरक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी और फार्म हाउस मैनेजर से पूछताछ के बाद यह मामला उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।