चमोली जिले के पोखरी में भालू को सामने देखकर भी नही डिगें क़दम, एसे तीन बहादुर बच्चों को मिला राज्य बाल बीरता पुरस्कार।

न्यूज 13 प्रतिनिधि अरुण मिश्रा चमोली

चमोली/ चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र के तीन नन्हे बच्चों ने अपनी बहादुरी से पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को देहरादून में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय समारोह में तीनों बच्चों को राज्य बाल वीरता पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया है।

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री धामी ने वीरांगना दिव्या, वीरांगना दीपिका और वीर बालक आरव को सम्मानित किया। दरअसल कुछ महीने पूर्व पोखरी क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय परिसर में बच्चे खेल रहे थे। उसी बीच अचानक एक विशालकाय जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया।

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इस खतरनाक स्थिति में भी बच्चों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने शोर मचाकर और पत्थर मारकर भालू का मुकाबला किया साथ ही एक-दूसरे का हाथ पकड़कर अपने साथियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चों के साहस और सूझबूझ के चलते भालू को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। इस साहसिक घटना में उनके साथी छात्र आरव पुंडीर, देवेश और पंकेश की बहादुरी और सूझबूझ भी सराहनीय रही।

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आज इन नन्हे वीरों को मिले सम्मान से चमोली जिले सहित पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है। इन बच्चों ने साबित कर दिया कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता। विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत और सूझबूझ से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। पहाड़ के इन नन्हे सितारों की बहादुरी आज पूरे राज्य के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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