रुद्रप्रयाग, शीत ऋतु में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम के लिए वन विभाग ने कसी कमर।

न्यूज 13 प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग

रुद्रप्रयाग/ शीत ऋतु के आने के साथ ही जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित घटनाओं की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपवन संरक्षक रुद्रप्रयाग विनीत कुमार ने कहा कि शीतकाल को देखते हुए रुद्रप्रयाग वन प्रभाग की सभी रेंजों को सतर्कता बरतने और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

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उन्होंने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से संवेदनशील एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में लाउडस्पीकर, पोस्टर और पम्फलेट के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के उपायों तथा क्या करें और क्या न करें की जानकारी दी जा रही है। गुलदार, भालू के साथ अन्य वन्यजीवों की सक्रियता वाले क्षेत्रों में वनकर्मियों द्वारा नियमित गश्त और पेट्रोलिंग की जा रही है।

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साथ ही ग्रामीणों को सतर्कता के उद्देश्य से सीटी भी वितरित की जा रही हैं वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि सुबह और शाम के वक्त अकेले जंगल की ओर न जाएं तथा बच्चों और पालतू पशुओं को अकेला न छोड़ें। वन्यजीव दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने अथवा शोर मचाने से बचें और तत्काल वन विभाग या नजदीकी वन चौकी को सूचना दें। विभाग ने स्पष्ट किया कि जनसहभागिता और सतर्कता से ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।

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