देहरादून/ मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आंदोलनकारियों के संकल्प व सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प के साथ तत्परता से काम कर रही है। सभी को राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्धता से काम करने का भाव भी जगाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सहयोग से राज्य को संवारने का काम किया जाएगा।
बुधवार को मुख्यमंत्री धामी ने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में बड़ी संख्या में आए राज्य आंदोलनकारियों से मुलाकात की। इस बीच उन्होंने राज्य आंदोलरकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण व महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण फिर से बहाल करने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। इस बीच उन्हें राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया जिस पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन के वक्त के वे भी साक्षी रहे हैं। खटीमा के जन आंदोलन को उन्होंने स्वयं देखा है। मसूरी, रामपुर तिराहा के शहीद स्थलों पर जाकर वह बलिदानियों को नमन करते हैं। खटीमा में भव्य स्मारक का निर्माण किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आंदोलनकारियों के हित में अनेक निर्णय लिए गए हैं। प्रयास है कि उन्हें जो सुविधाएं अनुमन्य हैं वे प्राप्त होती रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। परीक्षाओं में धांधली करने वाले 90 से अधिक व्यक्तियों को जेल में डाला गया है। युवाओं के साथ कोई धोखे की न सोचे इसके लिए देश के सबसे बड़े नकल रोधी कानून को लागू किया है। समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तय हो रहा है।
मतांतरण पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया गया है। सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रही है। प्रतिनिधिमंडल में राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह भंडारी, महासचिव वीरा भंडारी समेत बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी शामिल थे।