पिथौरागढ़/ विद्यार्थियों को आदर्श और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। कनालीछीना विकासखंड के एक स्कूल में तैनात 37 वर्षीय शिक्षक योगेश कुमार पांडे पर अपनी ही नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने और उसका जबरन गर्भपात कराने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पुलिस द्वारा आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार करके जब उसके मोबाइल की जांचा गई तो पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।
आरोपी के फोन से कई अन्य बालिकाओं की आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद हुई हैं। जांच में सामने आया कि ये तस्वीरें और वीडियो उन क्षेत्रों की छात्राओं की हैं जहां-जहां आरोपी शिक्षक की पूर्व में तैनाती रही है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि कहीं आरोपी इन वीडियो के जरिए छात्राओं को ब्लैकमेल तो नहीं कर रहा था।
तबीयत खराब होने पर खुला राज
मामले का खुलासा बीते 5 जून को हुआ जब कनालीछीना क्षेत्र की एक नाबालिग छात्रा की अचानक तबीयत बहुत खराब हो गई।
आनन-फानन में उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। डॉक्टरों के परीक्षण में सामने आया कि छात्रा गर्भवती थी और उसे गर्भपात की दवाई खिलाई गई थी जिसके रिएक्शन के कारण उसकी हालत बिगड़ी।
जब पुलिस ने पीड़िता की काउंसलिंग करके पूछताछ की तो उसने अपने ही स्कूल के शिक्षक योगेश कुमार पांडे का नाम लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जो कि वर्तमान में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में है।
सात महीने का परिपक्व भ्रूण जमीन में गाड़ने की आशंका फोरेंसिक जांच शुरू।
एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेस वार्ता में बताया कि पीड़िता लगभग सात महीने की गर्भवती थी। अस्पताल लाने से लगभग 20 दिन पहले ही उसे अत्यधिक प्रभावी गर्भपात की दवा खिलाकर उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण को गिरा दिया गया था। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक सात महीने का भ्रूण पूरी तरह परिपक्व रहा होगा।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि भ्रूण को लोक-लाज के डर से कहीं जमीन में गाड़ दिया गया होगा।
इस जघन्य अपराध में केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि दवा मुहैया कराने वाले और इस कृत्य में मदद करने वाले अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और फोरेंसिक टीम को भी काम पर लगाया गया है।
अक्षय प्रह्लाद कोंडे, एसपी, पिथौरागढ़
चमोली जिले से कनेक्शन की भी होगी जांच
पुलिस के मुताबिक आरोपी शिक्षक इससे पहले चमोली जिले में तैनात रहा है। उसके मोबाइल से बरामद हुईं कई आपत्तिजनक तस्वीरें चमोली के स्कूल की छात्राओं की भी हैं। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि पीड़ित छात्राओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व अन्य संगीन धाराओं के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।