रामनगर/ कार्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी रेंज के अंतर्गत आने वाले वन ग्राम रिंगोड़ा में सोमवार के दिन कुदरत का कहर टूटा। आंधी के चलते गिरे एक विशालकाय हल्दू के पेड़ की चपेट में आने से एक मासूम छात्र की दर्दनाक मौत हो गई।
रात को 1 बजे आया काल बनकर तूफान
घटना सोमवार मध्य रात्रि लगभग एक बजे की है। तेज आंधी-तूफान के चलते वन ग्राम रिंगोड़ा निवासी प्रकाश उपाध्याय का परिवार जाग गया था।
इसी बीच उनका 10 वर्षीय पुत्र कानू उपाध्याय अपने कच्चे घर से बाहर निकला।
पेड़ के नीचे दबा मासूम
जैसे ही कानू घर से बाहर आया पास ही स्थित एक भारी-भरकम हल्दू का पेड़ आंधी की तीव्रता को सहन नहीं कर पाया और सीधे बच्चे के ऊपर जा गिरा। पेड़ गिरने की जोरदार आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर दौड़े लेकिन कानू पेड़ के विशाल तने के नीचे बुरी तरह दब चुका था।
दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, अग्निशमन विभाग और वन विभाग की टीमें रात में ही मौके पर पहुचीं।
चुनौती— पेड़ इतना भारी था कि उसे हटाना मुश्किल था।
कार्रवाई: अग्निशमन कर्मियों ने कटर मशीन का उपयोग कर पेड़ को टुकड़ों में काटा। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मासूम के शव को बाहर निकाला जा सका।
क्षेत्र में शोक की लहर
मृतक कानू ढिकुली स्थित एक निजी स्कूल का छात्र था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। रात में परिजनों ने गमगीन माहौल के बीच पंचायतनामा करने से इनकार कर दिया था लेकिन पुलिस के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया।