नई दिल्ली/ दुनिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित करते हुए 10 मई को भारतीयों से अपील की है। उन्होंने सोना खरीदने, विदेश यात्रा टालने, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए वर्क फॉर्म होम आदी की बात कही है। ऐसे में जानते हैं मोदी की सात अपीलों के बारे में जो उन्होंने जनता से अपनाने को कहा है।
प्रधानमंत्री की देशवासियों से 7 बड़ी अपील
इस वक्त पूरी दुनिया फाइनेंशियल और भू-राजनीतिक टेंशन की मार झेल रही है। इन्हीं सब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए अहम अपील की हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपील के जरिए साफ किया देश को अभी से आने वाली स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।
निजी गाड़ियों का कम इस्तेमाल, कार पूल मेट्रो-बस, का करें इस्तेमाल
प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक वाहन को इस्तेमाल करने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने कहा इससे पेट्रोल-डीजल की कम खपत होगी। जिससे विदेशी मुद्रा का खर्च कम होगा। उन्होंने अपील कर कहा कि वैश्विक संकट से जूझने के लिए पेट्रोल और डीजल का समझदारी से इस्तेमाल करना होगा। जहां मेट्रो है वहां ज्यादा से ज्यादा इसका इस्तेमाल हो। कार पूलिंग को प्राथमिकता दी जाए। सामान पहुंचाने के लिए रेलवे फ्रेट सेवाओं का इस्तेमाल करें। साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
वर्क फॉर्म होम पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि कोविड के दौरान कई सारी व्यवस्थाएं बना ली गई थीं।
अब वक्त की मांग के चलते उन व्यवस्थाओं को फिर से शुरू करने का वक्त आ गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ की व्यवस्था को अपनाने को कहा है।
विदेश यात्रा फिलहाल टालने की अपील
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को कुछ वक्त के लिए टालने को कहा है। उन्होंने कम से कम एक साल के फॉरेन टूर ना करने की भी अपील की है।
शादियों में सोना ना खरीदने की अपील
मोदी ने अपने संबोधन में लोगों से गैर-जरूरी खर्चा करने से मना किया है। इसके अलावा ऊर्चा लागत बढ़ने की वजह से देश पर आर्थिक दबाव पड़ रहा है। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे एक साल तक शादियों के लिए सोना न खरीदें। आपको बता दें कि देश में सोने का उत्पादन नहीं होता। यानी मान के चलिए कि हमारी जरूरत का लगभग पूरा सोना विदेशों से आयात होता है। अब जब विदेशों से सोने की खरीद होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेमेंट अमेरिकी डॉलर में करनी पड़ती है।