भीमताल, सदियों से निर्मल बहने वाला जलस्रोत प्रसाशन की लापरवाही के चलते पड़ा है 4 साल से सूखा बेकार हुए शासन प्रशासन के जल संरक्षण पर बड़ी-बड़ी बातें और सेमीनार।
भीमताल, सदियों से निर्मल बहने वाला जलस्रोत प्रसाशन की लापरवाही के चलते पड़ा है 4 साल से सूखा बेकार हुए शासन प्रशासन के जल संरक्षण पर बड़ी-बड़ी बातें और सेमीनार।
भीमताल/ शासन-प्रशासन जल संरक्षण पर बड़ी-बड़ी बातों के साथ ही सेमिनार करते है वही झीलों के शहर भीमताल कुमाऊँ राज मार्ग पर सदियों से बहने वाला 15 से 20 लीटर प्रति मिनट की क्षमता से ये जल स्रोत 3 साल पूर्व से सूख चुका है जिसके सूखने के कारण पता करने पर जल संस्थान, सिंचाई विभाग, वन विभाग, प्राधिकरण विभाग, नगर पंचायत के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी मौन बैठे हैं।
जबकि ये जल स्रोत भीमताल झील को रीचार्ज करने का मुख्य स्रोत था इसके सूखने से सभी नगर वासी काफी चिंतित हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने जीवन काल में पहली बार ये स्रोत सूखा देखा इस जल स्रोत के सूखने से आस-पास के इलाके में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है जल संरक्षण से जुड़ी गंभीर एवं चिंतित समस्या को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने अब तक तमाम दर्जनों बार मांग निम्न स्तर से लेकर मख्यमंत्री तक माग की लेकिन शासन-प्रशासन इस ओर कार्यवाही करने में असमर्थ रहा उन्होंने बताया कि पूर्व में मुख्यमंत्री के घोड़ाखाल मंदिर आगमन पर उन्हें प्रत्यक्ष स्वयं मांग की थी।
जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से 11 मई 2022 को पत्रांक संख्या 4511 का संज्ञान लेकर प्रशासन को जांच के निर्देश दिए थे लेकिन उसके बाद अब तक कोई सूचना नहीं मिली उसके बाद भी कुमाऊँ आयुक्त, जिलाधिकारी, एसडीएम, मुख्य विकास अधिकारी द्वारा भी निर्देश कराए किन्तु तब भी आज भी सूखा पड़ा है अब फिर गर्मी आने वाली है नगर वासी सभी चिंतित हैं।
एसे ही जल धाराएं सूखती रही और प्रशासन जांच करने में नाकाम रहे तो फिर बड़ी-बड़ी बाते जल संरक्षण पर करने से कोई लाभ नहीं ब्रजवासी ने आज पुनः सहायक परियोजना निदेशक ‘डीआरडीए’ चन्द्रा फरत्याल को सूखे जल स्रोत की तत्काल जाँच एवं उसे पुनर्जीवित करने हेतु माँग की उन्होंने बताया इसको सारा प्रोजेक्ट के तह पुनर्जीवित किया जाएगा इसके लिए बीडीओ भीमताल को उन्होंने निर्देश दिए हैं।