

न्यूज 13 प्रतिनिधि चमोली
चमोली/ तीन दिवसीय कौशलम प्रशिक्षण का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली गौचर में समापन हो गया है , प्रशिक्षण में कक्षा 9 के जनपद के 167 माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों द्वारा प्रतिभाग किया गया , चार चरणों में हुए प्रशिक्षण का यह अंतिम चरण था , पूर्व में कक्षा 10 कक्षा11 व कक्षा 12 के शिक्षकों को कौशलम् पाठ्यचर्या का प्रशिक्षण दिया गया है l
कौशलम् के जिला समन्वयक सुबोध कुमार डिमरी ने बताया कि 2022 से प्रारंभ किया गया कौशलम् कार्यक्रम बच्चों के अंदर 21वीं सदी के कौशलों और उद्यमशील मानसिकता के विकास के लिए प्रारंभ किया गया है, यह कार्यक्रम बच्चों की 4 साल की यात्रा है जिसके जरिए वे भविष्य के लिए अपना एक माइंडसेट तैयार करेंगे l
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प्रशिक्षण का समापन संस्थान के प्राचार्य आकाश सारस्वत द्वारा किया गया, अपने समापन भाषण में प्राचार्य सारस्वत ने कहा कि कौशलम् राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पाठ्यचर्या का हिस्सा है, कौशलम् कार्यक्रम के लिए विद्यालयों के विषयों के पाठ्यक्रम को कम किया गया है, इसे समझने की आवश्यकता है, विद्यालयों में कौशलम् कार्यक्रम प्रत्येक स्तर के बच्चों के लिए लाभकारी है , यह बच्चों के भविष्य की राह भी तैयार करेगा, इससे पूर्व जनपद में कक्षा 10 के 163 और कक्षा 11 के 104 और कक्षा 12 के 103 विद्यालयों द्वारा यह प्रशिक्षण लिया गया है प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों में 21वीं सदी के कौशलों को विकसित करना है , कार्यक्रम के सह- समन्वयक डॉक्टर कमलेश कुमार मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का पैरा- 4.1 कहता है कि सीखना समग्र, समावेशी, आनंददायक और आकर्षक होना चाहिए, यह 21वीं सदी के कौशलों से सुसज्जित भी होना चाहिए, इसके लिए पाठ्यक्रम को कम किया गया है और कौशलम् को पाठ्यचर्या का हिस्सा बनाया गया है l
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