पौड़ी/ भारत माता की जय ‘जब तक सूरज चांद रहेगा दीपेंद्र तेरा नाम रहेगा चारों दिशाओं में गूंजते इस तरह के गगनभेदी जयकारों के बीच पूरे सैन्य सम्मान के साथ पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लाक के पसल गांव के निवासी शहीद दीपेंद्र सिंह रावत का उनके पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। शोकाकुल परिजनों के आंख के आंसू थामे नहीं थम रहे। परन्तु देश की सीमा रक्षा में प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देकर शाहदत आसमान पर चमकती दीपेंद्र की अमर कथा समाज की कई पीढ़ियों को गौरवान्वित करती रहेगी।
पौड़ी जिले के बीरोंखाल विकास खंड के निवासी दीपेंद्र जम्मू कशमीर में शहीद हो गए थे। उन्होंने सीने पर पर गोलियां खाई इस जांबाज का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव पहुंचा। यहां पूरे क्षेत्रवासियों ने उन्हें नम आँखों से विदाई दी गई। पैतृक घाट पर गगनभेदी जयकारों के बीच सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों की तादाद में लोगों कि भीड़ उमड़ पड़ी। सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। दीपेन्द्र सिंह रावत ने बीते 3 सितंबर को छुट्टी समाप्त होने के बाद ड्यूटी ज्वॉइन की थी। कुछ दिनों बाद उनकी शाहदत की खबर पूरे उत्तराखंड में मातम है।