उत्तराखंड वन विकास निगम बना घोटाले का निगम, एक ही दिन होटल में रूकने के लिए विदेश के दो होटलों के बिल और अधिकारी उत्तराखंड में।

न्यूज 13 प्रतिनिधि देहरादून

देहरादून/ उत्तराखंड वन विकास निगम मुख्यालय से जुड़ा एक चौंकाने वाला वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है जिसमें पिछले वर्ष की एक विदेशी यात्रा के दौरान लाखों रुपये के फर्जी भुगतान का आरोप लगा है। मामला तत्कालीन प्रबंध निदेशक गिरिजा शंकर पांडेय से जुड़ा बताया जा रहा है।

देहरादून में होते हुए विदेश के होटल का बिल

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पांडेय ने 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2025 के बीच विदेश यात्रा की परन्तु हैरानी की बात यह है कि टूर एजेंसी को 01 अप्रैल से 5 अप्रैल 2025 तक हनोई के होटल Dolce में ठहरने के नाम पर 2,75,258 रुपये का भुगतान कर दिया गया।

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जबकि रिकॉर्ड के मुताबिक 01 अप्रैल को वह देहरादून में मौजूद थे। ऐसे में हजारों किलोमीटर दूर हनोई में उसी दिन चेक-इन कैसे हुआ यह बड़ा सवाल खड़ा करता है।

संदिग्ध विदेश यात्रा में 44 हजार की निजी खर्च कैसे?

इतना ही नहीं इस यात्रा के दौरान व्यक्तिगत उपयोग के लिए खरीदे गए शॉल और टोपी का 44,880 रुपये का खर्च भी निगम के खाते से कराया गया जो नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।

एक ही दिन दो-दो होटल में ठहरने के भी बिल

मामला यहीं नहीं रुकता। 6 और 7 अप्रैल 2025 के लिए हनोई के Melia Hotel में 1,17,237 रुपये और 6 से 8 अप्रैल के बीच Saim Reap Hotel में 1,42,857 रुपये का भुगतान किया गया। यानी एक ही तारीख पर दो अलग-अलग होटलों में

ठहरने का बिल निगम को थमाया गया।

चौंकाने वाली बात यह भी है कि 4 और 5 अप्रैल को क्रूज में ठहरने और यात्रा के लिए 3,50,191 रुपये का अलग से भुगतान किया गया जबकि उसी दौरान होटल Dolce का किराया भी जारी रहा। साफ है कि एक ही दिन में तीन-तीन जगह ठहरने के नाम पर भुगतान कर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।

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इसके अलावा पूरी विदेश यात्रा में यात्रा ठहराव और भोजन आदि का खर्च नियमानुसार स्वयं वहन करने के बजाय टूर एजेंसी के माध्यम से कराया गया। आरोप है कि टूर एजेंसी के चयन में भी टेंडर या कोटेशन जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। प्रथम दृष्टया यह मामला बड़े पैमाने पर वित्तीय धांधली और नियमों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि शासन स्तर पर इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई होती है।

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