उखीमठ, अतिक्रमण हटाने के विरोध में व्यापारी हुए एकजुट, प्रदर्शन कर की जबरदस्त नारेबाजी।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग

उखीमठ/ न्यायालय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही किए जाने के विरोध में चोपता व्यापार मण्डल नगर इकाई के तत्वावधान में मक्कू बेंड से चोपता तक के व्यापारियों ने मक्कू बैंड में राज्य सरकार के साथ ही जिला प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि अगर स्थानीय प्रशासन न्यायालय के फरमान के मुताबिक स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन व रोजगार नीति नहीं बनाता है तो व्यापारियों को अपने हकों को पाने के लिए उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मक्कूबैंड से चोपता तक के व्यापारी मक्कूबैंड में एकत्रित हुए और विगत दिनों 23 अगस्त को न्यायालय के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन द्वारा एनएच पर अतिक्रमण हटाने को समिति गठित किए जाने से आक्रोशित व्यापारियों ने राज्य सरकार के साथ ही जिला प्रशासन के खिलाफ भी जबरदस्त प्रदर्शन किया।

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 राज्य सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी एक सभा में तब्दील हुए और प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय व्यापारी युगों से तुंगनाथ घाटी के विभिन्न पड़ावों पर पौराणिक हकहकूकों के मुताबिक अपना व्यवसाय कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकार के निर्देशन पर स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि चारधाम यात्रा के सभी मुख्य पैदल पड़ावों पर युगों से स्थानीय लोग छोटे ढाबों का संचालन करते आ रहे हैं लेकिन आज जिला प्रशासन व्यवसायियों से रोजगार छीनने का प्रयास कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद कई स्थानीय युवाओं का रोजगार छीन गया तथा वे युवा इन यात्रा पड़ावों पर छोटे मोटे ढाबों का संचालन कर अपनी आजीविका चला रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन स्थानीय युवाओं की रोजी रोटी के साथ खिलवाड़ कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय व्यापारियों द्वारा वन अधिकार अधिनियम 2006 को लागू करने की मांग लम्बे वक्त से की जा रही है परन्तु आज तक राज्य सरकार इस अधिनियम को लागू करने में विफल रही है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में तुंगनाथ घाटी पर्यटन मानचित्र बना पायी है तथा तुंगनाथ घाटी के चहुंमुखी विकास में केन्द्र व राज्य सरकारों को किसी प्रकार का योगदान नहीं रहा है।

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 स्थानीय व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, तीर्थ पुरोहित समाज व ग्रामीणों के अथक प्रयासों से तुंगनाथ घाटी के तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय में निरन्तर इजाफा हो रहा है तथा राज्य सरकार, जिला प्रशासन के साथ वन विभाग स्थानीय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की साजिश रच रहा है। वक्ताओं ने कहा कि आगामी 5 सितम्बर तक आन्दोलन जारी रहेगा तथा आवश्यकता पडी तो व्यापारी विधानसभा कूच के लिए बाध्य हो जायेगें। इस अवसर पर उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष अंकुर खन्ना, चोपता व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी, उपाध्यक्ष यशपाल नेगी, सतीश मैठाणी, मीना पुंडीर, योगेंद्र नेगी, दलवीर नेगी, नन्दन सिंह रावत, चन्द्रमोहन सेमवाल, प्रदीप बजवाल, विजय चौहान, कुँवर सिंह राणा, विनोद नेगी, प्रमोद रावत, मदन चौहान, आशीष रावत, उमेद राणा, राजेन्द्र नेगी, आशीष रावत, उमेद राणा, राजेन्द्र नेगी, कैलाश पुष्वाण, दिनेश बजवाल, मोहन प्रसाद मैठाणी, विनोद नेगी, सतवीर चौहान, आशीष मैठाणी सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों के व्यापारी मौजूद थे।

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