गुप्तकाशी/ केदारघाटी के ग्राम पंचायत न्यालसू (रामपुर क्षेत्र) में बुधवार को भालू के हमले की घटना को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने इस घटना के बाद क्षेत्र में व्याप्त भय और असुरक्षा को देखते हुए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
घटना का विवरण
बुधवार देर शाम न्यालसू रामपुर निवासी मंगल सिंह उम्र 55 पर पर भालू ने उस वक्त हमला कर दिया जब वे गौशाला के पास खेतों में थे।
भालू के हमले से उनके सिर और जबड़े पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया है।
जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश निर्देश अब दो पालियों में होगी गश्त
सोशल मीडिया और समाचारों में खबर आने के बाद जिलाधिकारी ने आधिकारिक आदेश जारी कर निम्नलिखित कदम उठाने को कहा है
भालू को पकड़ने की कार्रवाई-
प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देश दिए गए हैं कि भालू को तत्काल पकड़ने या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने हेतु आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करें।
वन रक्षकों की तैनाती क्षेत्र में जनसुरक्षा के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम दो पालियों में नियमित रूप से वन आरक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसका ड्यूटी रोस्टर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भी साझा किया जाएगा।
सतत निगरानी यदि वन क्षेत्रों के पास स्थानीय लोगों की आवाजाही रहती है तो वहां प्रभावी निगरानी रखी जाएगी ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। मौके पर निरीक्षण- उप जिलाधिकारी ऊखीमठ को तत्काल घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण करने और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को भी किया अलर्ट
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि भविष्य में इस तरह की घटना होने पर तत्काल चिकित्सा टीम को मौके पर रवाना किया जाए
और घायल को त्वरित उपचार मिले इसमें कोई कोताही न बरती जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों में आक्रोश
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य खुशहाल सिंह रावत सहित स्थानीय लोगों ने वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी के दखल के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही इस खौफ से निजात मिलेगी।