पहले भी हो चुकी है एसी घटना, मुख्य वन संरक्षक बोलें में भी बाल-बाल बचा हूं।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि देहरादून

देहरादून/ बिनसर वन्यजीव विहार में वनाग्नि की चपेट में आने से चार वन कर्मचारियों की मौत हो गई थी। वन विभाग को अंदेशा है कि हादसे की वजह फॉयर बॉल है जिससे बेहद तेज और अप्रत्याशित तौर पर घटना घटित हुई और वन कर्मचारियों को बचाव करने के लिए वक्त नहीं मिल पाया। बिनसर वन्यजीव विहार में 14 जून को जंगल की आग बुझाने गए चार वनकर्मियों की मौत हो गई थी और चार घायल हो गए थे। इस मामले में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने जांच के आदेश दिए हैं। प्रमुख वन संरक्षक को 15 दिनों में जांच रिपोर्ट देनी है। प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन ने घटनास्थल का दौरा किया है। प्रथम दृष्टया इस हादसे की एक वजह फायर बॉल को भी माना जा रहा।

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 घटनास्थल पर जांच में कई सालों से काफी मात्रा में बांज की सूखी पत्तियां डंप होने का पता चला है। इसके अलावा घटनास्थल के समीप तीखी ढाल भी है। ऐसे में आशंका है कि बांज की सूखी पत्तियां जो की काफी ज्वलनशील होती हैं उसमें आग लगी और फायर बॉल बनने के बाद तेजी से आया होगा और उसकी चपेट में वहां जो वनकर्मी आ गए और उन्हें बचने के लिए पर्याप्त वक्त नहीं मिल पाया।

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ऐसा संकेत और हालात देखकर वन अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि यह एक आशंका है और अभी जांच रिपोर्ट आना शेष है। वन अधिकारियों के मुताबिक जब जंगल की आग लगती है और तेज हवा चलती है तो एक फायर बॉल बनता है जो मूवमेंट करता है। इस फायर बॉल की चपेट में जो भी चीज आती है उसे काफी नुकसान होता है। मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन कहते हैं कि चीड़ की पत्ती से पिरूल गिरता है।

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