रानीखेत/ उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य तुला सिंह तड़ियाल ने प्रैस को बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सड़क को गड्ढा मुक्त करने के आदेश का पीडब्ल्यूडी ने मखौल उड़ाया है।उन्होंने कहा रामनगर से कणप्रयाग बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग में सड़क में गड्ढे नहीं हैं बल्कि गड्ढों में सड़क है जिसके कारण यहां आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं मार्ग इतना संकरा हो गया है की इसमें कई जगहों पर बड़े वाहनों के पहिये सड़क से बाहर निकल जाते हैं।
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ब्रिटिश काल में बने बैलगाड़ी मार्ग को आजादी के बाद तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने इसमें कुछ सुधार कर इससे मोटर गाड़ी चलने वाला बनाया तब से इस मार्ग में मामूली सुधार के अलावा कोई बड़ा काम नहीं हो सका।कुमाऊं व गढ़वाल की जीवन रेखा समझी जाने वाली यह सड़क आज भी बदहाल स्थिति में है इस मार्ग से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, बरेली व मुरादाबाद सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र का बद्रीनाथ, केदारनाथ फूलों की घाटी, व हेमकुंड साहिब जाने का एकमात्र सम्पर्क मार्ग है।
इसी सडक से लाखों यात्री हर रोज आवा जाही करते हैं आजादी के 75 सालों से इसके बाद भी इसकी हालत बद से बद्तर बनी हुई जबकि इस क्षेत्र से कई बडे बडे नेता हुए हैं। परन्तु किसी ने भी इस मार्ग की सुध नहीं ली। दूसरी ओर हरिद्वार से कणप्रयाग तक रेल मार्ग निमार्णाधीन है इसी मार्ग में आलवेदर रोड़ भी तकरीब तैयार होने वाली है। हाल ही में मुख्यमंत्री के गड्ढा मुक्त आदेश से कुछ उम्मीदें जगीं थी परन्तु इसमें भी नाउम्मीदी हाथ लगी है जहां कुछ गड्ढे भरे भी गये थे।अभी दो महीने भी पूरे नहीं हुए वे भी जगह जगह उखड़ गए हैं भिकियासैंण से सिनार बाजन वाले मोटर मार्ग में तो गड्ढों में सड़क है यहां मुख्यमंत्री के गड्ढा मुक्त अभियान के आदेश का कोई असर नही हुआ अर्थात यहां विभाग ने गड्डे भरवाने का प्रयास ही नहीं किया।
इस मार्ग में जीओ की केविल बिछाने के कारण सड़क में बड़े बड़े गड्ढे बने हुए हैं उन्हें अभी तक भरा नहीं गया है। मानिला देवी मंदिर के समीप कई बर्षो से एक काजवे टूटा हुआ था जनता की मांग पर अभी एक महीने पहले उसका निर्माण हुआ परन्तु यह भी टूटकर नीचे आ गया है यह मार्ग भी कई जगहों पर दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है।