देहरादून/ उत्तराखंड कांग्रेस में एक ओर बड़े नेताओं पर नकेल कसवाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने दिल्ली से जोर लगवा दिया है अब माना जा रहा है कि पार्टी नेताओं की बयानबाजी पर रोक लगवाने के लिए पर्यवेक्षक को भी उतराखंड भेजने की तैयारी कर रही है माना जा रहा है पार्टी के वरिष्ठ नेता पी एल पुनिया को पर्यवेक्षक बना कर देहरादून भेजा जाएगा बाकी पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष के बीच चल रही तनातनी को समाप्त किया जाए।
राज्य में नेताओं की आपसी तनातनी से पार्टी का माहौल तो खराब हो ही रहा है राज्य में पार्टी की स्थिति भी खराब हो रही है वही एक तरफ पर्यावेक्षक आने की तैयारी कर रहें होंगे वही पार्टी के विधायक ने कांग्रेस संगठन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए है द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने मुख्यमंत्री धामी द्वारा मजारे हटाने के फैसले को सही करार दिया है उनके मुताबिक मजारों को बिल्कुल हटाया जाना चाहिए।
वही मदन बिष्ट ने 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमें उम्मीद थी कि कांग्रेस जीतेगी और यही आम जनता में भी दिखाई दे रहा था परन्तु हमारे नेताओं ने ऐसी बंदरबांट कर ली जिससे हम चुनाव हार गए।मदन बिष्ट ने कांग्रेस के संगठन को बहुत कमजोर करार दिया उनके मुताबिक लोग कांग्रेस के संगठन से क्यों नहीं जुड़ना चाहते यह उनको भी समझ में नहीं आता उनके मुताबिक लोग उनको कहते हैं।
कि मदन बिष्ट की बात करो कांग्रेस के संगठन की बात नहीं मदन बिष्ट ने प्रदेश प्रभारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को तो हटाया गया परन्तु प्रदेश प्रभारी को क्यों नहीं हटाया गया उनके मुताबिक चुनाव में हार की जिम्मेदारी प्रदेश प्रभारी की भी उतनी ही थी जितनी नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष की थी।