पिथौरागढ़ स्वास्थ्य विभाग में जमकर लगाए गया सरकारी पैसों को ठिकाने एक कुर्सी की कीमत 34,115 रुपए आरटीआई से खुले घोटाले के परत-दर-परत राज।

न्यूज 13 प्रतिनिधि पिथौरागढ़

पिथौरागढ़/ पिथौरागढ़ जिले के स्वास्थ्य विभाग से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरटीआई के जरिये खुलासा हुआ है कि मरीजों के बैठने के लिए खरीदे गए साधारण स्टूल की कीमत ₹34,115 प्रति पीस दिखाई गई है। यानी एक स्टूल की कीमत में एक छोटा फर्नीचर सेट खरीदा जा सकता था!

यह भी पढ़ें 👉 चिपको आंदोलन के प्रेणता स्व गौरा देवी के जन्म शती समारोह का हुआ आयोजन।

यह जानकारी स्थानीय निवासी आनंद मल्ल को सूचना के अधिकार के तहत मिली। उन्होंने अप्रैल 2024 में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से 14 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इसमें हल्द्वानी की एक फर्म से की गई सभी खरीद का पूरा ब्यौरा शामिल था।

राज्य सूचना आयोग की दखल के बाद खुला मामला

जवाब देने में देरी पर मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंच गया।

यह भी पढ़ें 👉 वन क्षेत्राधिकारी पंकज ध्यानी कोशिश लाई रंग 5 कुंतल खैर की लकड़ी के साथ तस्करी में उपयोग की जा रही मोटरसाइकिल साइकिल व कार को किया जप्त।

आयोग के आदेश के बाद विभाग को संबंधित दस्तावेज और सूचनाएं जारी करनी पड़ीं। इन्हीं दस्तावेजों से बड़ा फर्नीचर घोटाला सामने आया।

क्या हुआ खुलासा

दस्तावेजों के मुताबिक वर्ष 2023 में स्वास्थ्य विभाग ने हल्द्वानी की एक फर्म से

47 रिवॉल्विंग चेयर

47 डॉक्टरों की टेबल और

48 स्टूल खरीदे।

इनमें से एक स्टूल की कीमत 34,115 दर्ज की गई है। यानी 48 स्टूलों की कुल कीमत 16,37,520 रुपये बनी।

इसी तरह, डॉक्टरों की टेबल और चेयर की कीमत भी लगभग 34,120 प्रति यूनिट दर्शाई गई है।

यह भी पढ़ें 👉 फिल्म अभिनेत्री उर्वशी रौतेला अपने  पिता संग पहुंची जागेश्वर धाम।

तीनों मदों पर कुल खर्च 48,44,800 रुपये दिखाया गया है।

सूचना देने में देरी पर लगा जुर्माना

इस मामले में वक्त पर जानकारी न देने पर तत्कालीन डिप्टी सीएमओ पर राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने 25,000 का जुर्माना भी लगाया है।

सीएमओ का पक्ष

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसएस नबियाल ने कहा कि एक स्टूल की कीमत 34,000 नहीं हो सकती। संबंधित कर्मचारी आज कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। सोमवार को इस मामले में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉 कुम्भकरण की नींद में सोए मुख्यमंत्री को जगाने चौखुटिया से देहरादून के लिए निकली आंदोलनकारियों की पद यात्रा।

पिथौरागढ़ स्वास्थ्य विभाग में सामने आया यह मामला सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है। अब देखना यह होगा कि इस फर्नीचर घोटाले की जांच किस स्तर तक पहुंचती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *