चमोली/ जनपद में गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग भी धधकने लगे हैं। कर्णप्रयाग के समीप सिमली के जंगलों में आग लगने से लाखों की वन संपदा जलकर खाक हो रही है। सिमली के जंगलों में बीती रात्रि से आग लगी है और आग से वन संपदा खाक हो रही है।
फिलहाल वन विभाग की टीम आग बुझाने के लिए नहीं पहुंची है। गांवों के आसपास आग फैलने से खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी है। बताया गया कि बदरीनाथ वन प्रभाग के ग्राम पंचायत नाकोट व डिम्मर के सुवागढ़, मौलानी के के साथ ही कर्णप्रयाग नैनीसैण मोटर मार्ग के आसपास आग फैल है।
आग से क्षेत्र का तापमान भी बढ़ गया है। जंगल में लगी आग से नैनीसैण मोटर मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर भी गिर रहे हैं जो राहगीरों के लिए खतरा बन रहे है।
कर्णप्रयाग से सटे बरसाली के जंगल भी धधक रहे हैं आग से
बदरीनाथ यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ाव कर्णप्रयाग में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे बदरीनाथ वन प्रभाग के नंदप्रयाग वन रेंज के जंगल में रविवार को आग लग गई जिसने वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग के कार्मिकों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।रविवार दोपहर एक बजे बदरीनाथ राजमार्ग से लगे बरसाली, उमा माहेश्वर आश्रम से लगे नंदप्रयाग वन रेंज के जंगलों में धुंआ दिखाई दिया जिसपर तत्काल आश्रम के संत महंत ऐश्वर्यनाथ महाराज सहित समीप बसे परिवारों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
मौके पर पहुंचे वन दारोगा विजय सिंह वन कर्मियों के दल के साथ पहुंचे और अलग-अलग स्थानों पर लगी आग को बुझाने का प्रयास किया परन्तु गर्मी के चलते आग बढ़ती चली गई। बाद में आश्रम के संत महात्माओं ने भी अपने सीमा में जंगल की आग को रोकने के लिए प्रयास शुरू किए और आग बुझाई परन्तु चीढ़ के जंगल में लगी आग पीरुल में तेजी से फैलती रही जिससे पुराने सूखे पेड़ सहित उग रही छोटी वनस्पति एवं जीव-जंतु को भी नुकसान पहुंचा।
जंगल में जंगली मुर्गी सहित घुरड़ आए दिन नजर दिखाई देते हैं जंगल में लगी आग से जीवों का जीवन भी संकट में बना है। राजमार्ग पर आश्रम से आगे भूस्खलित क्षेत्र मे लगी आग से पहाड़ी से गिरते पत्थर आवाजाही के लिए खतरा बन गए है। वन दारोगा विजय सिंह ने बताया आग को काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।