चमोली/ नशा नाश की जननी है इससे दूरी बनाएं और समाज को इसके दुष्प्रभावों से अवगत करायें , यह बात जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित तंबाकू निषेध शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने कही l
आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौचर चमोली ( गौचर) के सभागार में बालाजी सेवा संस्थान द्वारा सलाम बॉम्बे फाउंडेशन एवं नरोत्तम सेखसरिया फाउंडेशन के सहयोग से ‘तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षण संस्थानों को शत प्रतिशत तंबाकू मुक्त बनाने तथा तंबाकू नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के पालन पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मंडल समन्वयक उज्ज्वल खुल्बे एवं अजीत सिंह जस्सार द्वारा प्रमुख रूप से कार्यशाला को गति दी गयी।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को ‘तंबाकू मुक्ति की शपथ’ दिलाई गई तथा शिक्षण संस्थानों में तंबाकू के सेवन एवं उपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कदमों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।
तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के दिशा-निर्देशों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रतिभागियों में से मास्टर ट्रेनर्स भी तैयार किए गए। ये मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने विद्यालयों में दिये गये दिशा-निर्देशों के संबंध में जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित करेंगे तथा आसपास के अन्य विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को भी तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान की अवधारणा और दिशा-निर्देशों के प्रति जागरूक करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना तथा बच्चों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी, बीरेंद्र सिंह कठैत, रविंद्र सिंह बर्त्वाल, योगेंद्र सिंह बर्त्वाल , डॉक्टर कमलेश कुमार मिश्र, डॉक्टर जसपाल राज सुबोध कुमार डिमरी, गोपाल प्रसाद कपरुवाण की उपस्थिति रही, सत्र का संचालन कार्यक्रम समन्वयक सुश्री नीतू सूद द्वारा किया गया।