पिथौरागढ़/ जिले के सीमांत क्षेत्र दारमा घाटी के पंगबे क्षेत्र में शुक्रवार तड़के एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। तड़के लगभग 12:45 बजे पंगबे के समीप अचानक पहाड़ी से एक भारी चट्टान दरककर सड़क पर आ गिरी जिसकी चपेट में वहां से गुजर रहा एक स्कॉर्पियो वाहन (यूके 05 टीए-5096) आ गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में वाहन चालक समेत राजस्थान के एक पर्यटक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक दुर्घटना में वाहन चालक सितारगंज निवासी 37 वर्षीय सुरेंद्र गर्ज्याल पुत्र किशन सिंह और कोटा राजस्थान के रामगंज मंडी निवासी 15 वर्षीय केशव खंडेलवाल पुत्र अर्जुन खंडेलवाल की मलवे में दबकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं हादसे में आदिश खंडेलवाल उम्र 30 वर्ष राघव खंडेलवाल उम्र 17 वर्ष हनी खंडेलवाल उम्र 26 वर्ष और राकेश खंडेलवाल उम्र 24 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से तीन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर पिथौरागढ़ रेफर कर दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दारमा घाटी मार्ग पर पिछले कुछ दिनों से लगातार भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। पूर्व में भी यह सड़क तीन दिनों तक बंद रही थी और सीमा सड़क संगठन द्वारा मार्ग खोलने एवं सुरक्षा के कार्य किए जा रहे थे। इसी बीच अचानक पहाड़ी से एक विशाल चट्टान सड़क पर आ गिरी और उसी वक्त वहां से गुजरता वाहन इसकी चपेट में आ गया। थानाध्यक्ष हरेंद्र सिंह नेगी ने हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुटे हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों और टैक्सी यूनियन में गहरा आक्रोश है। दारमा टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष ने बीआरओ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि जगह-जगह ब्लास्टिंग के बाद चट्टानों को यूं ही छोड़ दिया गया है।
जो यात्रियों के लिए बेहद घातक साबित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने और बीआरओ पर नियंत्रण कर जल्द सुरक्षित कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है। गौरतलब है कि धारचूला क्षेत्र में मानसून-पूर्व बारिश और भूस्खलन का दौर शुरू हो चुका है जिससे दारमा, व्यास और अन्य उच्च हिमालयी मार्गों पर यात्रा बेहद जोखिमपूर्ण हो गई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति की पूरी जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें।