पिथौरागढ़/ जिले में आठवीं के छात्र में रेबीज के लक्षण दिखाई दिए हैं। उसे जिला अस्पताल में एडमिट किया गया है। हाल ही में एक अन्य किशोर की भी रेबीज के बाद मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि दोनों को एक ही लावारिस कुत्ते ने काटा था। वह कुत्ता गांव के पांच लोगों को काट चुका है।
धारचूला क्षेत्र में 19 दिन के अंदर रेबीज का दूसरा संदिग्ध मामला सामने आया है। बुधवार को तबीयत बिगड़ने पर आठवीं कक्षा के एक छात्र को जिला अस्पताल लाया गया।
चिकित्सकों के मुताबिक किशोर में रेबीज से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दे रहे हैं और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। खास बात यह है कि उक्त किशोर उसी गांव का निवासी है जहां हाल ही में एक अन्य किशोर की संदिग्ध रेबीज से मौत हो चुकी है। दोनों को एक ही लावारिस कुत्ते के पिल्ले ने काटा था।
28 फरवरी को काटा था कुत्ते ने
प्राप्त जानकारी के मुताबिक धारचूला तहसील के जुम्मा गांव के तोक बुंगा निवासी 14 वर्षीय युवराज सिंह धामी पुत्र रवीन्द्र धामी को 28 फरवरी को एक लावारिस कुत्ते के पिल्ले ने काटकर घायल कर दिया था।
परिजनों के अनुसार उस वक्त किशोर का समुचित उपचार नहीं कराया गया।
23 मई को एक किशोर की हुई रेबीज से मौत
मई में गांव के ही मोहित धामी में रेबीज के लक्षण सामने आए थे और 23 मई की रात उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद 26 मई को युवराज को एंटी रेबीज टीका लगाया गया। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक काफी विलंब से टीका लगने के कारण उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। बुधवार सुबह युवराज की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
परिजनों के मुताबिक उसे पानी और हवा से डर लगने लगा तथा बार-बार चिल्लाने और मुंह से लार निकलने जैसे लक्षण
दिखाई दिए। उसे तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉ. आशु अवस्थी ने प्राथमिक उपचार किया। उन्होंने बताया कि किशोर में रेबीज जैसे लक्षण पाए गए हैं। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।
गांव के पांच लोगों को काट चुका था पिल्ला
परिजनों के मुताबिक जिस कुत्ते के पिल्ले ने मोहित और युवराज को काटा था उसने गांव के लगभग पांच अन्य लोगों को भी घायल किया था। बताया जा रहा है कि लगभग तीन माह पूर्व उस पिल्ले की भी मौत हो गई थी।