बागेश्वर/ तुड़तुड़िया-भैर मोटरमार्ग पर हुए खतरनाक मोड़ और कच्ची सड़क पर पिकअप वाहन पीछे जाने से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे ने खारबगड़ निवासी वाहन चालक भगवत सिंह बड़ती और सुरमा देवी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। हादसे में दोनों की असमय मौत से परिजनों और रिश्तेदारों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। भगवत सिंह अपने परिवार में अकेले कमाऊ सदस्य थे जिन पर पूरे घर की आजीविका टिकी हुई थी। उनकी असमय मौत से परिवार बूरी तरह टूट गया हैं। वहीं आठ वर्षीय मासूम बेटी दीपिका और चार वर्षीय छोटी बेटी खुशी के सिर से पिता का साया उठ गया है।
मासूमों को यह भी अहसास नहीं है कि उनके पापा अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक है।
भोजनमाता सुरमा ने छह माह पहले किया था बेटे का विवाह
तुड़तुड़िया-भैर मोटरमार्ग पर हुए इस भीषण हादसे ने खटगेड़ा असों के एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली सुरमा देवी उम्र 56 स्थानीय राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भोजनमाता के पद पर कार्यरत थीं और अपनी कर्मठता के लिए जानी जाती थीं। बुधवार सुबह वह अपनी बहू उमा देवी के साथ पिकअप में सवार होकर भैरं गांव के लिए निकली थीं जहां उन्होंने एक ग्रामीण से सूखी घास के लिए पहले ही बातचीत तय की थी परन्तु नियति को कुछ और ही मंजूर था।
परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक सुरमा देवी के दो बेटे हैं। उनके बड़े बेटे की अभी शादी नहीं हुई है जबकि छोटे बेटे भुवन की शादी सात महीने पहले दिसंबर में हुई थी। अभी शादी को एक साल भी पूरा नहीं बीता था कि नवविवाहिता बहू उमा और सास सुरमा देवी इस भीषण हादसे में घायल हो गई। इस हादसे में जहां सास सुरमा देवी की हायर सेंटर ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई वहीं बहू उमा गंभीर रूप से घायल हो गई जिसका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। एक ही झटके में मां के साए के छिन जाने और पत्नी के अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ने की खबर से बेटों सहित पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे असों क्षेत्र में शोक की लहर है।
हादसे की शिकार राधा है दो महीने की गर्भवती
तुड़तुड़िया-भैर मार्ग पर हुए भीषण हादसे में घायल राधा उम्र 27 वर्ष पत्नी महेश सिंह शाही दो महीने की गर्भवती हैं।
इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग भी संवेदनशील और सतर्क नजर आ रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. तपन शर्मा ने बताया कि अस्पताल लाते ही गर्भवती का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल अल्ट्रासाउंड कराया गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य आई है और जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवती राधा को स्त्री रोग विशेषज्ञ की देखरेख में विशेष उपचार और दवाएं दी जा रही हैं। वार्ड में तैनात स्टाफ को भी महिला की विशेष देखरेख और निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।