रुद्रप्रयाग/ जिले के जखोली विकासखंड में प्रशासन पुलिस और बाल संरक्षण तंत्र की तत्परता से एक बार फिर बाल विवाह रुकवाया गया। वक्त रहते की गई कार्रवाई से एक नाबालिग बालिका को बालिका वधू बनने से बचा लिया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 5 मई को अपराह्न लगभग 3 बजे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना मिली कि जखोली विकास खंड के जखनौली गांव में एक नाबालिग लड़की की बारात पौड़ी जनपद के कोटद्वार से आने वाली है। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम गठित की। पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करके टीम शाम लगभग 7 बजे मौके पर पहुंची।
टीम ने दृढ़ कार्रवाई करते हुए बाल विवाह को रुकवा दिया। कोटद्वार क्षेत्र से आई बारात को रात लगभग 10 बजे बिना दुल्हन के वापस जाना पड़ा। इस बीच टीम पर दबाव और प्रलोभन डालने की कोशिशें भी हुईं परन्तु अधिकारी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटे। टीम ने वर-वधू पक्ष को सख्त चेतावनी देते हुए बताया कि बालिग होने से पहले विवाह कराने पर दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लगभग तीन घंटे की काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने लिखित सहमति दी कि बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह किया जाएगा।
इस कार्रवाई में चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। जिलाधिकारी ने इस सराहनीय कार्य के लिए टीम की प्रशंसा करते हुए बाल विवाह के खिलाफ अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने भी इस तरह की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।