बीजेपी विधायक के निष्क्रिय विधायकों को अल्टीमेटम टिकट बचाओ या सीट से हाथ धोओ।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि देहरादून

देहरादून/ उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। और इस बीच पार्टी के अंदरूनी सर्वे ने कई विधायकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा के 8 मौजूदा विधायक पार्टी के दो अलग-अलग सर्वे में उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे उनकी उम्मीदवारी और टिकट पर तलवार लटक गई है।

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पार्टी संगठन अब हर सीट पर बेहद गंभीरता से काम कर रहा है। खासतौर पर उन सीटों पर जहां पिछली बार जीत हासिल हुई थी परन्तु नए सर्वे में हार का खतरा सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन 8 सीटों पर विधायकों का प्रदर्शन जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप बिल्कुल नहीं है।

 क्या है विधायकों की कमजोरियां

कई विधायकों ने चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं किए

क्षेत्र में उनकी ग्राउंड एक्टिविटी काफी कमजोर रही

जनता से जुड़ाव और समस्याओं के समाधान में कमी पाई गई

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यही वजह है कि पार्टी अब इन सीटों को लेकर अलर्ट मोड में आ गई है।

संगठन का सख्त रुख

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ संकेत दिए हैं कि पार्टी के लिए “जिताऊ उम्मीदवार” ही सर्वोच्च प्राथमिकता होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर विधायकों ने जल्द अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं किया तो टिकट काटने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।

10 साल की सत्ता के बाद एंटी-इंकम्बेंसी का डर

लगातार दो कार्यकाल पूरे करने के बाद भाजपा अब तीसरी बार हैट्रिक मारकर सरकार बनाने की कोशिश में है।

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ऐसे में पार्टी 10 साल की एंटी-इंकम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को रोकने के लिए कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

इसी रणनीति के तहत अब कमजोर सीटों पर खास फोकस कर रही है

हारी हुई सीटों पर अलग प्लान

और मौजूदा विधायकों की परफॉर्मेंस का सख्त आकलन किया जा रहा है

उत्तराखंड में भाजपा इस बार परफॉर्म या पावर से बाहर की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले वक्त में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये 8 विधायक अपनी स्थिति सुधार पाते हैं या पार्टी नए चेहरों पर दांव खेलीती है।

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