पिथौरागढ़/ जिले के गणाई गंगोली क्षेत्र में आए भीषण आंधी-तूफान ने जबरदस्त तबाही मचाई है। सोमवार की देर सांय को वन विभाग की तपोवन स्थित चौकी में तूफान का ऐसा कहर बरपा कि बैरक की छत पूरी तरह उड़ गई। हादसे के वक्त वन दरोगा कमरे के अंदर मौजूद थे जो मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक वन दरोगा शैलेश बम जिस वक्त कमरे में कार्य कर रहे थे इसी बीच अचानक आए तेज अंधड़ से छत की चादरें हवा में उड़ गईं। देखते ही देखते दीवार के पत्थर अंदर गिरने लगे।
खिड़की को पकड़कर दीवार के सहारे खड़े हो गए वन दरोगा
जान बचाने के लिए वन दरोगा खिड़की को पकड़कर दीवार के सहारे खड़े हो गए। इस बीच मलबे की चपेट में आने से कार्यालय का लैपटॉप और अन्य सरकारी सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही चौकीदार गणेश सिंह, कमल सिंह और वन रक्षक आर.एस. राणा तत्काल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया। उत्तराखंड: वन रक्षक राणा ने बताया कि सुरक्षित बचे वन दरोगा और अन्य सामान को अस्थायी रूप से तपोवन स्टेशन में शिफ्ट कर दिया गया है। घटना की लिखित सूचना तहसील प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई है। तूफान से हुए इस नुकसान के बाद वन चौकी के भवन की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।