मिठास में मंहगाई की कडुवापन 15 दिनों में 17 रुपए किलो तक महंगी हुई चीनी, गुड़ और मिश्री के दामों में भी भारी उछाल।

न्यूज 13 प्रतिनिधि देहरादून

हल्द्वानी/ त्योहारी सीजन से ठीक पहले रसोई के बजट पर महंगाई का बड़ा बम फूटा है। चाय से लेकर मिठाइयों तक में मिठास घोलने वाली चीनी की कीमतों में पिछले 15 दिनों के अंदर अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहर के बाजारों में चीनी के दाम 17 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ गए हैं। चीनी के साथ-साथ गुड़ और मिश्री के दामों में भी 20 से 30 रुपये प्रति किलो की तेजी आई है। अचानक हुई इस भारी बढ़ोतरी से आम जनता के साथ-साथ व्यापारी वर्ग भी हैरान है।

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45 से बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो पहुंची चीनी, गुड़ और मिश्री भी हुए महंगे शहर के दुकानदारों के अनुसार 5 अगस्त को जो चीनी फुटकर बाजार में 45 से 46 रुपये प्रति किलो बिक रही थी 19 अगस्त (बुधवार) को उसके दाम 61 से 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। इसी बीच में गुड़ का भाव 50 रुपये से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो और मिश्री 50 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। बुधवार को चीनी का थोक भाव ही 58 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।

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सप्लाई कम होने के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।

 एथेनॉल डायवर्जन बना मुख्य कारण मिठाइयों के दाम भी बढ़ने की आशंका।

कीमतों में आई इस तूफानी तेजी के पीछे कारोबारियों का कहना है कि शुगर मिलों से सप्लाई कम आ रही है। गन्ने की फसल कम होने और नई फसल के आने में अभी लगभग तीन महीने का वक्त होने के कारण स्टॉक में कमी है।

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इसके अलावा गन्ने को बड़े पैमाने पर चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल बनाने में डायवर्ट किए जाने को भी आपूर्ति में आई गिरावट का एक मुख्य कारण माना जा रहा है। चीनी महंगी होने से मिठाई, चाय, कोल्ड ड्रिंक और चॉकलेट कारोबारियों की लागत बढ़ गई है।

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