देहरादून/ भारत सरकार का शासी निकाय (गवर्निंग बाडी) नेशनल बोर्ड आफ एक्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज के सदस्य डा. हेमचंद्र पांडेय का नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में सम्मिलित किया गया है। हिमालयन इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज जौलीग्रांट के चिकित्सालय सेवा निदेशक डा. पांडेय के स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर यूट्यूब लाइव प्रसारण में विश्व रिकार्ड बनाने पर उन्हें इसका प्रमाण पत्र भी मिला है।
इस लाइव प्रसारण को एक साथ 17, 999 दर्शकों ने देखा। पूर्व में हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति भी रह चुके डा. पांडेय रायल कालेज आफ फिजिशियन (एफआरसीपी ग्लास्गो व एडिन यूके) फैलो से भी सम्मानित हैं। फैलो आफ आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन व फैलो आफ एकेडमी आफ हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन का गौरव प्राप्त करने वाले वे देश के पहले चिकित्सक हैं। कुछ वर्ष पहले संजय गांधी पीजीआई, लखनऊ के पूर्व निदेशक प्रो. एके महापात्रा ने बताया कि एम्स नई दिल्ली से एम एच ए की डिग्री लेने के बाद डा. हेम ने सीजीपीजीआई लखनऊ के सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सा के बेड की संख्या को 25 से बढ़ाकर 1200 तक पहुंचाया।
सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही रोगियों को सस्ता व उच्च गुणवत्ता का उपचार दिलाने की दिशा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण कार्य किया।द्वाराहाट विकास खंड के ग्राम बयेला जनपद अल्मोड़ा के मूल निवासी डा. 1970 में मिशन इंटर कालेज द्वाराहाट से हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद अपने अधिवक्ता भाई प्रमोद पांडे के पास लखनऊ चले गए थे जहां से इंटरमीडिएट कर उन्होंने सीपीएमटी क्वालीफाई करके 1982 में केजीएमसी से एमबीबीएस की डिग्री ली थी।
इसके बाद प्रारंभिक तीन वर्ष अंडमान निकोबार में सेना के चिकित्सालय में सेवाएं दी। फिर दो साल बरेली व शाहजहांपुर में नियुक्त रहे। बाद उसके पीजीआई लखनऊ में अस्पताल प्रशासन विभागाध्यक्ष व चिकित्सा अधीक्षक रहे। सितंबर 2018 में कुलपति बनने के बाद डीजी स्वास्थ्य उत्तराखंड ने उन्हें कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर की रोकथाम व प्रबंधन के लिए राज्यस्तरीय टास्क फोर्स को अध्यक्ष भी नामित किया था।