पौड़ी/उत्तराखंड के पौड़ी जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को पूरे दिन पौड़ी और आसपास के जंगल आग की चपेट में रहे। वन विभाग के मुताबिक गढ़वाल वन प्रभाग और सिविल सोयम वन प्रभाग में कुल 8 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं जंगलों में आग लगाने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
मांडाखाल के जंगल में देर रात तक धधकती रही आग
पौड़ी मुख्यालय के सिविल एवं सोयम वन प्रभाग से सटे वन पंचायत निसणी के अंतर्गत मांडाखाल क्षेत्र के जंगलों में सोमवार देर शाम लगी आग मंगलवार दोपहर तक धधकती रही। आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने लगातार निगरानी करते हुए आग को रिहायशी क्षेत्रों और आरक्षित जंगलों तक फैलने से रोका।
2.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान
वन विभाग के मुताबिक सिविल एवं सोयम वन प्रभाग में चार वनाग्नि घटनाओं के चलते लगभग 2.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वहीं गढ़वाल वन प्रभाग में भी चार घटनाएं दर्ज की गईं जिनमें पौड़ी क्षेत्र में दो तथा पूर्वी अमेली और दीवा रेंज में एक-एक घटना शामिल रही।
आरक्षित जंगलों में बनाई जा रही फायर लाइन
वन विभाग ने सघन आरक्षित वनों को आग से बचाने के लिए फायर लाइन बनानी शुरू कर दी है ताकि आग को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में फैलने से रोका जा सके डीएफओ सिविल एवं सोयम पवन नेगी ने बताया कि कल्जीखाल क्षेत्र में जंगल में आग लगाने के मामले में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।