हैदराबाद में हुई मैराथन दौड़ में चमोली जिले के देवाल विकास खंड की बेटी भागीरथी ने जीता गोल्ड।

न्यूज 13 प्रतिनिधि अरुण मिश्रा चमोली

चमोली/ हैदराबाद में रविवार को आयोजित मैराथन दौड़ में चमोली जिले के देवाल विकास खंड के दूरस्थ गांव वाण की बेटी भागीरथी विष्ट ने इतिहास रच दिया। 23 वर्षीय भागीरथी ने 42 किलोमीटर की दूरी मात्र 2 घंटे 51 मिनट में पूरी करके गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस शानदार जीत के साथ उन्हें तीन लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्राप्त हुई। भागीरथी की इस उपलब्धि से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में गर्व और खुशी की लहर है। चमोली व देवाल क्षेत्र में उनकी सफलता पर जश्न का माहोल है।

यह भी पढ़ें 👉 पिथौरागढ़ में जंगली मशरुम खाने से पति-पत्नी और दो बच्चों की हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती।

भागीरथी के कोच हिमाचल प्रदेश के सिरमौर निवासी अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक सुनील शर्मा ने बताया कि यह उनकी अब तक की बेहतरीन दौड़ में से एक रही। इससे पहले भी भागीरथी ने ईरान सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में मैराथन दौड़ में प्रथम स्थान हासिल किया है। किसान परिवार से आने वाली भागीरथी विष्ट का संघर्ष प्रेरणादायक है। पिता का निधन मात्र तीन साल की उम्र में हो गया था।

यह भी पढ़ें 👉 बेतालघाट में ब्लॉक चुनाव के द्वारान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में इन 16 बदमाशों पर लगा गैंगस्टर एक्ट।

पाच भाई-बहनों में सबसे छोटी भागीरथी ने घर का काम संभालने से लेकर खेतों में हल चलाने तक की जिम्मेदारी निभाई। कठिन परिस्थितियों में भी उसने पढ़ाई के साथ-साथ खेल में अपना सपना जिंदा रखा। आज फ्लाइंग गर्ल कहलाई जाने वाली भागीरथी वर्तमान में पौड़ी जनपद के रासी स्टेडियम में कठिन परिश्रम कर रही हैं। उनका सपना है कि एक दिन ओलिंपिक में हिस्सा लेकर भारत के लिए मैराथन में गोल्ड मेडल जीतें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *