बागेश्वर, खस्ताहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और 22 वर्षीय प्रसूता हुई शिकार परिवार में छाया मातम।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि बागेश्वर

 बागेश्वर से रेफर गर्भवती की बेस अस्पताल में मौत अल्मोड़ा/ पर्वतीय जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की एक बार फिर पोल खुल गई है। अत्यधिक रक्तस्राव के बाद बागेश्वर से रेफर की गई आठ माह की गर्भवती की बुधवार सुबह बेस अस्पताल में मौत हो गई। महज 22 वर्ष की उम्र में मां बनने की उम्मीदें पाल रही महिला की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।

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 बागेश्वर जिले की रहने वाली सोनी उम्र 22 वर्ष पत्नी राजन को मंगलवार को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे तुरंत बागेश्वर जिला अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गर्भ निकाला। नवजात की मौत हो गई थी। इसके बाद महिला की स्थिति नियंत्रित नहीं हो पाई। सोनी का रक्तस्राव तेज हो गया जिसे रोकने के प्रयास असफल रहे। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल उच्च स्तरीय इलाज के लिए अल्मोड़ा के बेस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बेस अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने सोनी को एमआइसीयू में भर्ती करके उपचार शुरू किया लेकिन लगातार बिगड़ती स्थिति को वे काबू में नहीं ला पाए। बुधवार तड़के सोनी ने अंतिम सांस ली। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजन बिलख उठे।

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बेस चौकी प्रभारी मनोज ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से सूचना मिली थी कि बागेश्वर निवासी सोनी की उपचार के दौरान मौत हो गई है। बाद में परिजन शव को लेकर बागेश्वर लौट गए। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलती तो शायद महिला की जान बच सकती थी।

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