हरिद्वार/उत्तराखंड में दो बाघों के शिकार मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हरिद्वार की श्यामपुर रेंज के सजनपुर बीट में दो बाघों को जहर देकर मारने के मामले में श्यामपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विनय राठी को हटा दिया गया है। उन्हें डीएफओ कार्यालय से अटैच किया गया है। डीएफओ हरिद्वार स्वप्निल अनिरुद्ध ने पहले उन्हें नोटिस जारी किया था जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।
मामले में गिरफ्तार आरोपी आलम उर्फ फम्मी को कोर्ट से रिमांड पर लेकर वन विभाग की टीम शनिवार को घटनास्थल पर पहुंची। यहां पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराकर क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया। हालांकि इस मामले का मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां अभी भी फरार है। उसने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की है जबकि वन विभाग उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 और 19 मई को जंगल से दो बाघों के शव बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि 16 मई को एक बाघिन ने वन गुज्जर आलम उर्फ फम्मी की भैंस का शिकार किया था।
बदले की भावना में आलम ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाघिन को मारने की साजिश रची। आरोपियों ने मृत भैंस के शव पर जहरीला पदार्थ छिड़क दिया जिसे खाने से बाघिन और उसके दो साल के दो शावकों की मौत हो गई। इतना ही नहीं आरोपियों ने बाघों के पैर काटकर शव जंगल में छिपा दिए। जांच में यह भी सामने आया कि वे बाघों की खाल नाखून और अन्य अंग दिल्ली में बेचने की तैयारी कर रहे थे। परन्तु वन विभाग की सतर्कता के चलते आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए।
अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। वहीं फरार आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वन विभाग का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि श्यामपुर रेंज का अतिरिक्त प्रभार अब चिड़ियापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी महेश शर्मा को दिया गया है। साथ ही मामले की जांच तेजी से जारी है।