बड़कोट/ शराब की बोतल पर अंकित कीमत से अधिक वसूली कर ग्राहकों की जेब काटने वालों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर प्रशासन ने मंगलवार को बड़कोट क्षेत्र में औचक छापेमारी की।
उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में डामटा और बर्नीगाड की शराब दुकानों पर ओवररेटिंग की पुष्टि हुई।
खुद ग्राहक बनकर पहुंचे अधिकारी
कार्रवाई को महज कागजी जांच तक सीमित न रखते हुए प्रशासनिक टीम ने स्वयं ग्राहक बनकर शराब खरीदकर वास्तविक स्थिति की जांच की। डामटा स्थित एफएल-5डी शराब दुकान में कुछ व्हिस्की और बीयर की बोतलों पर अंकित मूल्य से 10 रुपये अधिक वसूले जाने का मामला सामने आया।
मामला सामने आते ही प्रशासन ने दुकान की निरीक्षण पंजिका में कार्रवाई दर्ज कराई और संबंधित व्यक्ति के हस्ताक्षर भी लिए।
बर्नीगाड में भी खुली ओवररेटिंग की पोल
डामटा के बाद प्रशासनिक टीम ने बर्नीगाड स्थित एफएल-5डी शराब दुकान का औचक निरीक्षण किया यहां भी जांच के दौरान कुछ व्हिस्की और बीयर केन पर अंकित मूल्य से 5 से 10 रुपये अधिक वसूले जाने की पुष्टि हुई। एसडीएम ने ओवररेटिंग को निरीक्षण आख्या पंजिका में दर्ज कराया। जिलाधिकारी का साफ संदेश-मनमानी नहीं चलेगी शराब दुकानों पर ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही किसी भी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली अथवा अन्य अनियमित बिक्री पाए जाने पर आबकारी अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
सवाल सिर्फ 5-10 रुपये का नहीं
प्रशासन की कार्रवाई ने शराब दुकानों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
यदि एक ग्राहक से 5 या 10 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं तो रोजाना सैकड़ों ग्राहकों से होने वाली संभावित अतिरिक्त वसूली का आंकड़ा कितना बड़ा हो सकता है-यह भी जांच का विषय है। ऐसे में प्रशासन की लगातार औचक जांच ही यह स्पष्ट कर सकेगी कि सामने आए मामले अपवाद हैं या ओवररेटिंग का कोई बड़ा पैटर्न ।