रुद्रपुर/ जिस मासूम ने अभी दुनिया में आंखें खोलकर जिंदगी की ठीक से देखी भी नहीं थी उसे अपनों ने ही बेसहारा छोड़ दिया। सिंह कॉलोनी स्थित सेंट ऑन चर्च के समीप खड़ी एक कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने बच्ची की मां, नानी और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बच्ची के बीमार होने और इलाज का खर्च नहीं उठा पाने की बात कही है।
कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली मासूम
घटना अक्टूबर की है। सिकोलोनी की गली नका एक पिकत चर्च रोड पर खडी कार के नीचे कपड़े में लिपटी नवजात की मिलने की सूचना 112 पर दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तकाल जिला अस्पताल पहुंचाया। बच्ची की हालत गंभीर थी लिहाजा चिकित्सकों ने उसे एनआईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही बच्चों को बचाने की कोशिश हुई परन्तु इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच में सामने आया कि बच्ची का जन्म अक्टूबर की रात बिलासपुर के एक अस्पताल में हुआ था। उसके बाएं हाथ में केन्यू लगा था और नाभि पर शिल्प लगी हुई थी और उसे देखभाल की जरूरत की पुलिस के मुताबिक 17 अक्टूबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपी बच्ची को घर ले जाने के बजाय चर्च के पास छोड़ आए मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात केली विवेक के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर सीमा को आजादनगर, ट्रांजिट केप क्षेत्र में तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
इनमें बच्ची की मां शीतल उम्र 23 वर्ष नानी लीलावती उम्र 45 वर्ष और मुनीश पाल उम्र 30 वर्ष सामिल है। दोनों महिलाएं आजादनगर की निवासी है जबकि मुनीश पाल मूल रूप से शाहजहांपुर जिले के भगवन्तापुर का रहने वाला है और बर्तमान में आजादनगर में रह रहा था सीओ सिटी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बच्ची बीमार थी और डॉक्टर ने इलाज का खर्च काफी अधिक बनाया था।
उनके पास उपचार के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। पुलिस के अनुसार दोनों महित्य सुरीश पाल की मोटरसाइकिल से बच्ची की चर्च के पास ले गई थी और वहां छोड़कर चली गई फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जानकारी की जा रही है। जिस मासूम को जिंदगी की शुरुआत में ही देखभाल की जरूरत थी उसकी मौत ने इस घटना को बेहद संवेदनशील बना दिया है।