शीतकाल के लिए बंद हुए चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट डोली आज पहुंचेगी शीतकालीन गद्दी स्थल भगवान गोपीनाथ मंदिर।

न्यूज 13 प्रतिनिधि अरुण मिश्रा चमोली

चमोली/ पंच केदारों में से चतुर्थ केदार के रूप में प्रसिद्ध भगवान श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को शाम 7:47 बजे शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं।

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वैदिक मंत्रोच्चारण और पौराणिक परंपराओं के बीच मुख्य पुजारी पं. हरीश भट्ट ने भगवान के स्वयंभू आनंद मौली रूप का विशेष श्रृंगार किया जिसके बाद ज्योतिर्लिंग को अन्नकूट, घी और श्वेत कंबल से ढंककर समाधि रूप दिया गया।

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इस पावन और भावुक क्षण के गवाह बनने के लिए धाम में 1,000 से अधिक हक-हकूकधारी और श्रद्धालु मौजूद रहे जिन्होंने कपाट बंद होने के साथ ही शीतकालीन गद्दीस्थल के लिए प्रस्थान किया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस पावन धाम के कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की पावन डोली अपने शीतकालीन प्रवास की ओर बढ़ चली है।

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रविवार 18 अक्टूबर को ग्वाड़ देवलधार स्थित ज्वाला मंदिर में रात्रि विश्राम करने के बाद आज सोमवार यानी 19 अक्टूबर 2026 को उत्सव डोली अपने आधिकारिक शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर पहुंचेगी। आगामी छह महीनों के लिए शीतकालीन पूजा-अर्चना इसी गोपीनाथ मंदिर में संपन्न की जाएगी जहा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सर्दियों के मौसम में बाबा रुद्रनाथ के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त कर पाएंगे।

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