अल्मोड़ा/ जागेश्वर विधानसभा में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पांच बार लगातार विधायक रहे गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस छोड़कर उत्तराखंड क्रांति दल का दामन थाम लिया है। उनके पास वर्तमान में पद नहीं था। 2002-07 तक वे प्रदेश प्रवक्ता रहे हैं। हरीश रावत सरकार में वे दर्जा मंत्री रहे थे। जैंती में आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी में उन्होंने उक्रांद की सदस्यता ग्रहण की। उक्रांद के संस्थापक सदस्य काशी सिंह ऐरी ने कहा कि पूरे राज्य में इस बार उक्रांद की लहर दिखाई दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय दलों ने उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन के संसाधनों का दोहन किया है। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव के लिए तैयार है और 2027 के विधानसभा चुनाव में उक्रांद राज्य में सरकार बनाएगा।उक्रांद के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि पहाड़ की जनता बदलाव चाहती है। वहीं यूथ उक्रांद के आशुतोष नेगी ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड को बचाने के लिए दोनों दलों को राज्य से बाहर करने का वक्त आ गया है।
उक्रांद में शामिल होने के बाद दिनेश कुंजवाल ने कहा कि उत्तराखंड के सामने आज रोजगार, पलायन और मूलभूत सुविधाओं की गंभीर चुनौतियां हैं। पहाड़ के संसाधनों की लूट के बीच जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को बचाने का सवाल है और पहली बार मैं सही मंच पर हूं। उन्होंने पहाड़ी राज्य की अवधारणा को पूर्ण करने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की भी पैरवी की। दिनेश कुंजवाल ने अपने चाचा गोविंद सिंह कुंजवाल पर विधायक निधि के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उनके उक्रांद में शामिल होने को जागेश्वर क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। कार्यक्रम में डा. नारायण सिंह जंतवाल, पुष्पेश त्रिपाठी, आशुतोष नेगी, चंद्रशेखर कापड़ी, कुंदन बिष्ट, बहादुर सिंह रावत, गिरीश नाथ गोस्वामी, जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, पान सिंह लटवाल, रघुवीर भाकुनी और दीपा जोशी समेत कई लोग मौजूद रहे।