पौड़ी गढ़वाल/ पौड़ी जिले में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल के पैतृक गांव ओंणी से सामने आया है जहां एक गुलदार ने महिला पर जानलेवा हमला कर क्षेत्र में सनसनी फैला दी। घटना के बाद गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है।
चीख सुन दौड़े ग्रामीण नहीं तो जा सकती थी जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार ओंणी गांव निवासी विनीता देवी गांव के समीप अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थीं।
तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। गुलदार ने महिला के गले पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला की चीख-पुकार सुनते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों को आता देख गुलदार जंगल की ओर भाग निकला। ग्रामीणों की तत्परता से महिला की जान बच पाई ।
गले में गंभीर चोट श्रीनगर अस्पताल में इलाज जारी
हमले में घायल विनीता देवी के गले में गंभीर चोटें आई हैं।
घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें इलाज के लिए श्रीनगर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में महिला की हालत पर नजर रखी जा रही है।
गांव में आक्रोश वन विभाग सिर्फ आश्वासन दे रहा
लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई दिनों से गुलदार की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं परन्तु वन विभाग स्थायी समाधान निकालने में नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र में तुरंत पिंजरा लगाने रात में गश्त बढ़ाने और गांव के आसपास निगरानी तेज करने की मांग की है।
मौके पर पहुंचे डीएफओ महातिम यादव लोगों से सतर्क रहने की अपील
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई । डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने बताया कि वे खुद टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे हैं और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
पौड़ी में बढ़ता जा रहा गुलदार का खौफ
पौड़ी नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कुछ समय पहले कमंद गांव में भी गुलदार ने एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से ग्रामीणों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ते जा रहे हैं। लोग लगातार वन विभाग से ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सवाल बड़ा आखिर कब रुकेगा गुलदार का आतंक।
वन मंत्री के पैतृक गांव तक गुलदार के हमले पहुंच जाना यह दिखाता है कि स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।