अगस्त्यमुनि/ नगर पंचायत क्षेत्र के धान्यू क्षेत्र में भीषण जंगल की आग ने एक आवासीय मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। आग लगने से घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर ख़ाक हो गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त मकान खाली था जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और जनहानि नहीं हुई।
पीड़ित मकान मालिक नत्था लाल ने कहा वे वर्ष 2002 से इस मकान में निवास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कुछ माह पूर्व उनकी पत्नी पर गुलदार के हमले के बाद से परिवार में दहशत का माहौल था जिसके चलते वे सुरक्षा के दृष्टिगत फिलहाल अपने परिजनों के साथ रह रहे थे। इसी बीच जंगल में लगी आग अनियंत्रित होकर उनके घर तक पहुच गई और उसे अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग आनन-फानन में मौके पर पहुचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं सूचना पाकर वन विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। इस बीच मकान के वन भूमि पर स्थित होने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी एचएस रावत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मकान वन भूमि पर बना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मकान स्वामी के पास भूमि से संबंधित वैध दस्तावेज उपलब्ध होंगे तो नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।