2027 के विधानसभा चुनावों से पहले रुद्रप्रयाग सीट हो सकती है आरक्षित 2032 तक विधायक बने रहने का दावा ठोकने वाले भरत चौधरी के अरमानों पर फिर सकता है पानी।
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले रुद्रप्रयाग सीट हो सकती है आरक्षित 2032 तक विधायक बने रहने का दावा ठोकने वाले भरत चौधरी के अरमानों पर फिर सकता है पानी।
रुद्रप्रयाग/ उत्तराखंड की रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट को लेकर 2027 चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक सस्पेंस खड़ा हो गया है। अब तक सामान्य श्रेणी रही इस सीट के आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में मामला पहुंचा है जिस पर अदालत ने केंद्रीय चुनाव आयोग राज्य चुनाव आयोग के साथ ही सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने संबंधित पक्षों से तीन दिन के अंदर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। याचिकाकर्ता पक्ष के वकील एस. के. मंडल के मुताबिक रिपोर्ट आने के बाद रुद्रप्रयाग सीट के आरक्षण पर फैसला लिया जा सकेगा। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सीट आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में एससी, एसटी, ओबीसी या महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो सकती है।
वर्तमान में रुद्रप्रयाग सीट से भाजपा के भरत सिंह चौधरी विधायक हैं और राज्य सरकार में मंत्री भी हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत भी इस सीट से सक्रिय माने जा रहे हैं और 2012 में यहां से विधायक रह चुके हैं। यदि सीट आरक्षित होती है तो दोनों दिग्गज नेताओं की चुनावी रणनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है। रुद्रप्रयाग सीट राज्य गठन से पहले से सामान्य सीट रही है इसलिए अब सभी की नजर हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी है। कोर्ट के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि 2027 में यह सीट सामान्य रहेगी आरक्षित श्रेणी में जाएगी।