पौड़ी/ वन्य जीवों की तस्करी एवं अवैध शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए थे कि ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इन्हीं निर्देशों के क्रम में प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर व सीआईयू प्रभारी पौड़ी के नेतृत्व में कोतवाली श्रीनगर क्षेत्र में लगातार होटलों, ढाबों के साथ ही संदिग्ध स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी बीच सीआईयू टीम को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि श्रीनगर स्थित एक होटल कुछ वन्य जीव तस्कर रूके हुए हैं इस सूचना पर श्रीनगर व सीआईयू पुलिस टीम द्वारा श्रीनगर में होटलों की सघन चेकिंग व तलाशी शुरू की गई। इसी सघन चेकिंग के परिणामस्वरूप होटल के एक कमरे में 4 अभियुक्तों सफारी लाल, सुरजन लाल, रोशन लाल व बसंतू लाल की तलाशी ली गई अभियुक्तों के कब्जे से एक गुलदार की खाल बरामद की गई क्योंकि गुलदार एक संरक्षित वन्य जीव है।
जिसकी खाल को अवैध रूप से रखा जाना एवं तस्करी किया जाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जिस पर चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया जिनके विरूद्ध कोतवाली श्रीनगर पर मु0अ0सं0-03/2026, धारा- 9,39, 44,50, 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। अभियुक्तों को मा0 न्यायालय में पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान अभियुक्त सफरी लाल द्वारा बताया गया कि वह और बसंतू लाल आपस में चाचा-भतीजा हैं। इनके द्वारा कुछ महीने पहले अपने गांव के समीप स्थित जंगल में एक गुलदार का शिकार किया गया था और रोशन लाल एवं सुरजन लाल जिनसे मेरी पहले से ही जान-पहचान है इस गुलदार की खाल को लाखों रूपये में खरीदने के इच्छुक थे इसी कारण इन्हें दिखाने के लिए गुलदार की खाल को आज हम श्रीनगर लाये थे जहां हम दोनों पक्षों के बीच खरीद-फरोख्त को लेकर सौदाबाजी की जा रही थी।